इंडिया टीवी राजेश मौर्य जानकीनगर (कुशीनगर)।
छत से नीचे उतर रहे बालक को सीढ़ी पर रखे कागज के गत्ते में बैठे जहरीले सर्प ने डंस लिया। शोर सुनकर पहुंची छोटी बहन ने मां-बाप को बुलाया। तब तक बालक अचेत हो चुका था।
सर्प को पड़क कर स्वजन जार में बंद कर बालक के साथ लेकर अस्पताल पहुंचे।
जहां एंटी वेनम इंजेक्शन लगाने के बाद भी बालक की जान नहीं बचाई जा सकी। दूसरी ओर अंधविश्वास में फंसे स्वजन मरने के बाद बालक को झाड़ फूंक के लिए बलिया के शक्ति पीठ लेकर गए।
रविंद्र नगरधूस थाना के सोहरौना निवासी गुलाब चौहान का 13 वर्षीय पुत्र सावन चौहान बुधवार की रात छत से नीचे उतर रहा था। इस दौरान सीढ़ी पर रखे गत्ते से वह टकरा गया। इसके बाद गत्ते में बैठा जहरीला सर्प सावन के दाहिने हाथ में तीन बार डंस लिया, वह शोर मचाने लगा तो छोटी बहन अनामिका पिता के साथ सीढ़ी पर दौड़ कर पहुंची। तब तक सावन अचेत हो चुका था।
स्वजन सर्प को पकड़ कर जार में रख बालक संग लेकर मेडिकल कालेज अस्पताल रिवंद्र नगर धूस पहुंचे। इमरजेंसी में भर्ती कराया गया और एंटी वेनम इंजेक्शन भी लगाया गया।
इसके बाद भी हालत बिगड़ती गई और एक घंटे के अंदर मृत्यु हो गई। इसके बाद भी स्वजन बलिया जनपद के शक्तिपीठ पर झाड़ फूंक के लिए ले गए, जहां झाड़ फूंक करने वाले ने बताया कि इसको जिंदा नहीं किया जा सकता।