उरई(जालौन):
माधौगढ़ विधायक ने किया आधा दर्जन गांवों की नष्ट फसलों का निरीक्षण:
सीएम से मदद दिलाने का किया वादा, मटर, मसूर और धान की फसलें पूरी तरह तबाह। कोंच तहसील क्षेत्र में बीती 27 और 30 अक्टूबर को हुई बेमौसम मूसलाधार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। हजारों हेक्टेयर भूमि में बोई गई हरी मटर, मसूर और कटाई के लिए तैयार धान की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों की कमर तोड़ दी है। पीड़ित किसानों की हालत देखकर माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन उनकी मदद के लिए आगे आए हैं। विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बारिश से नष्ट हुई फसलों का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।विधायक ने क्षेत्र के घमूरी, बोहरा, बरोदा कला, देवगांव सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों का दौरा किया। उन्होंने खेतों में जाकर नष्ट फसलों की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया और किसानों से मुलाकात कर उनकी व्यथा सुनी। किसानों ने बताया कि लगातार हुई बारिश से खेतों में जलभराव हो गया, जिससे उनकी फसलें सड़ गईं। विधायक मूलचंद्र निरंजन ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्या को शासन स्तर तक उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि “फसलों की क्षति साफ नजर आ रही है, मैं स्वयं मुख्यमंत्री और उच्च अधिकारियों से संवाद कर रहा हूँ ताकि पीड़ित किसानों को शीघ्र मुआवजा मिल सके। अन्नदाता की मदद के लिए मैं हर संभव प्रयास करूंगा।”गौरतलब है कि किसानों ने महंगे बीज, खाद और मजदूरी का खर्च उठाकर फसल बोई थी, लेकिन पौधा पनपने से पहले ही मूसलाधार बारिश ने सब कुछ तबाह कर दिया। आसमान में अब भी काले बादल छाए रहने से किसान आने वाले दिनों की बारिश को लेकर चिंतित हैं और उनके चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा रही है। ऐसे में किसानों की समस्यायों को जनप्रतिनिधि बहुत ही गम्भीरता से ले रहे हैं।
(अनिल कुमार ओझा ब्यूरो प्रमुख
उरई-जालौन) उत्तर प्रदेश