राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी।
आशीष तिवारी द्वारा जिले को पेयजल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किए जाने के बाद भी अवैध रूप से नलकूप खनन कराने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन कर ग्राम सैदा में कराए गए अवैध बोर उत्खनन के मामलों में संबंधित भू-स्वामियों, उत्खनन कराने वाले व्यक्तियों तथा वाहन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।
एसडीएम कटनी Pramod Chaturvedi ने तहसीलदार रीठी एवं पटवारी हल्का नंबर-32 की जांच रिपोर्ट के आधार पर रीठी थाना प्रभारी को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जांच में अवैध नलकूप खनन की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है।
30 जून तक नए बोर खनन पर पूर्ण प्रतिबंध
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी आशीष तिवारी द्वारा 25 मार्च 2026 को जारी आदेश के तहत कटनी जिले को 1 अप्रैल से 30 जून 2026 तक ‘पेयजल अभावग्रस्त क्षेत्र’ घोषित किया गया है। इस अवधि में बिना पूर्व अनुमति किसी भी प्रकार के नए निजी नलकूप (बोर) खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है।
ग्राम सैदा में सामने आए दो मामले
प्रशासनिक जांच में सामने आया कि ग्राम सैदा के खसरा नंबर 391/3 रकबा 0.44 हेक्टेयर पर 5 मई की रात खुशीराम पिता हिसाबी द्वारा बिना अनुमति अवैध बोर कराया गया। राजस्व अभिलेखों में यह भूमि खुशीराम, राजाबाई, किशनबाई एवं बूंदाबाई के नाम दर्ज है।
इसी प्रकार खसरा नंबर 860 पर 4 मई की रात दशरथ पिता कपूर लोधी द्वारा अवैध उत्खनन कराया गया, जबकि संबंधित भूमि वर्तमान में सुरेश पिता किसुवा के नाम दर्ज पाई गई।
उत्खनन में प्रयुक्त वाहन भी कार्रवाई के दायरे में
दोनों मामलों में अवैध बोर खनन के लिए उपयोग किए गए वाहन क्रमांक केए-51-एमई-9685 को भी कार्रवाई के दायरे में लिया गया है। प्रशासन ने वाहन मालिक के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
अनुमति दस्तावेज नहीं मिले
जांच के दौरान संबंधित व्यक्तियों के पास नलकूप खनन से संबंधित कोई वैध अनुमति या दस्तावेज नहीं पाए गए। नियमानुसार प्रतिबंध अवधि में बोर खनन के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है।
एसडीएम प्रमोद चतुर्वेदी ने रीठी थाना प्रभारी को निर्देशित किया है कि प्रकरण में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की सूचना प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए।