गुना बीनागंज वन विभाग में प्लांटेशन के नाम पर लाखों का घोटाला……?
वन विभाग नया कारनामा, पॉलिथिन सहित लगाए पौधे
बीनागंज
सामान्य वन मंडल गुना के वन परिक्षेत्र बीनागंज की देदला बीट के कक्ष क्रमांक RF 19 में प्लांटेशन के नाम पर लाखों रुपए का भ्रष्टाचार करने का एक मामला सामने आया है। यह वही जगह है जहां पर कुछ समय पहले 900 बीघा वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करने का दावा वन विभाग द्वारा किया गया था। उक्त भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करने के बाद यहां 50-50 हेक्टेयर कुल 150 हेक्टेयर रकबा के तीन प्लांटेशन केम्पा बजट मद 7882 मसे स्वीकृत करवा कर प्लांटेशन कार्य किया गया था। जिसमें जून जुलाई माह में सीपीटी परकोलेशन टैंक और पौधा रोपण के कार्य करवाए गए थे। इन सभी कार्यों में गंभीर अनियमितताएं बरती गई हैं। जिसमें स्थल का चयन पौधा रोपण और सुरक्षा जैसे कई मुद्दे शामिल है जिनके फर्जी बिल वाउचर लगाकर अपने परिचितों के खाते लगाकर पैसा निकाला गया और जिनकी आज की स्थिति में दयनीय दशा है। पौधों की संख्या ना के बराबर है, पौधे आखिर जीवित रहें भी तो कैसे , पौधे पॉलिथिन समेत जो लगवा दिए गए। पॉलिथिन सहित पौधे लगाना ही भृष्टाचार को उजागर करता है, साथ ही जिम्मेदार वन कर्मी व अधिकारियों की सतत निरीक्षण पर प्रश्न खड़े करता है। प्लानटेशनो मे नीचे से उपर तक परसेंटेज का खेल चलता है, वन विभाग के विभागीय सूत्रों की माने तो गुना वनमंडल मे विगत कुछ वर्षो मे सबसे ज्यादा प्लांटेशन बीनागंज वन विभाग मे आवन्टित हुए, बीनागंज वन विभाग अन्य जिले के अन्य वन परिक्षेत्र से ज्यादा कमीशन देने का कार्य करते है। कमीशन खोरी के कारण लाखों करोडो के प्लांटेशन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाते है। इस तरह बीनागंज के प्लांटेशन कार्य में लाखों रुपए का घोटाला किया गया है। और शासन को लाखों रुपए का चूना लगाया गया है। और यह सभी कार्य किए गए हैं । विवादित रेंजर सौरभ द्विवेदी द्वारा। जिन पर कई बार भ्रष्टाचार के आरोप लगे जांचें भी हुई पर कोई उचित कार्यवाही नहीं हुई और फाइल बनाकर रद्दी में डाल दी गई। आरोपों के बाद उक्त रेंजर का जुलाई माह में शिवपुरी ट्रांसफर हुआ लेकिन बीनागंज के रेंजर सौरभ द्विवेदी को बीनागंज का इतना मोह रहा कि दो माह में सांठ गांठ करके रुपयों की चमक दिखाकर ट्रांसफर कैंसिल करवा कर वापस बीनागंज आ गए। आखिर शासन और वन विभाग की ऐसी क्या मजबूरी रही की बीनागंज में साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरा कर चुके विवादित और भ्रष्ट अधिकारी को वापस यथावत रखते हुए बीनागंज पर पदस्थ किया गया क्या इसलिए कि जो अवैध काम अधूरे छूट गए थे उनको पूरा किया जा सके या इसलिए कि जो जांचें उनके विरुद्ध चल रही हैं उनको प्रभावित करके लीपा पोती की जा सके। सूत्रों की माने तो उक्त प्लांटेशन क्षेत्र में कई अवैध पक्के मकान अभी भी बने हुए हैं और उस जगह पर जुताई करके खेती की जा रही है। लगभग पूरा प्लांटेशन अतिक्रमण कर्ताओं द्वारा जोत लिया गया है। 150 हेक्टेयर के प्लांटेशन में लगभग 120000 पौधे लगाए गए थे और आज की स्थिति में वहां पर 20000 पौधे भी जीवित नहीं है। सूत्रों के अनुसार एक पौधे का पूरा हिसाब लगाया जाए तो लगभग 30 से 40 रुपए का खर्च एक पौधे पर आता है। सूत्रों की माने तो रेंजर सौरभ द्विवेदी पर कई लोगों द्वारा भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और प्रताड़ित करने के आरोप पूर्व में भी लगाए गए थे। जिनकी जांच वर्तमान में चल रही है। उन जांचों को प्रभावित करने के उद्देश्य से और अपने पुराने गड्ढे भरने के लिए रेंजर सौरभ द्विवेदी वापस बीनागंज आए हैं क्या मध्य प्रदेश में कोई ऐसा दूसरा रेंजर नहीं है जिसे बीनागंज में पदस्थ किया जा सके। सूत्रों के मुताबिक उक्त भ्रष्ट और विवादित रेंजर को नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है इसी वजह से आज तक रेंजर पर कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है।सुरक्षा के लिए एक झोपड़ी (hut) का लगभग साठ सत्तर हजार का बजट आता है पर झोपड़ी नहीं बनाई गई। जबकि तीन प्लांटेशन में तीन झोपड़ी बनाई जाना चाहिए थी। और तीनों प्लांटेशन में गेट भी नहीं लगाए गए।
…. अगले अंक में होगा खुलासा
जिला गुना से व्यूरो चिफ गोलू सेन की रिपोर्ट