नरेश सोनी इंडियन टीवी न्यूज नेशनल ब्यूरो हजारीबाग
कनहरी में जैव विविधता पार्क का विधायक प्रदीप प्रसाद ने किया उद्घाटन
हजारीबाग को हरित एवं पर्यावरण–समृद्ध जिले के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम
हजारीबाग के कनहरी में जैव विविधता पार्क का शुभ उद्घाटन विधायक प्रदीप प्रसाद द्वारा किया गया। यह पार्क क्षेत्र के पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित रखने के उद्देश्य से बनाया गया है, जो आने वाले समय में हजारीबाग के लिए एक महत्वपूर्ण पहचान बनेगा।
विधायक प्रसाद ने उद्घाटन अवसर पर कहा कि यह जैव विविधता पार्क न केवल प्रकृति को संरक्षित करने का एक प्रयास है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण के महत्व से जोड़ने का एक उत्कृष्ट माध्यम भी है।
उन्होंने कहा कि हजारीबाग की हरियाली, शुद्ध वातावरण और प्राकृतिक संपदा हमारी सबसे बड़ी पूँजी है। इस जैव विविधता पार्क के निर्माण से पर्यावरण संतुलन, संरक्षण और जागरूकता को नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने आगे कहा कि यह पार्क युवाओं, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और पर्यावरण प्रेमियों के लिए अध्ययन एवं अनुभव का एक महत्वपूर्ण स्थान बनेगा। इसके साथ ही यह स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देगा और इस क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाओं को भी मजबूत करेगा।
उद्घाटन कार्यक्रम में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी शिरकत की और परियोजना के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। उपस्थित अधिकारियों में शामिल रहे सीएफ ममता प्रियदर्शी, आरसीसीएफ आर.एन. मिश्रा, डीएफओ (पूर्वी) विकास उज्जवल, वनप्राणी डीएफओ सुरज कुमार प्रशिक्षण प्राणी विभाग के मोहित वंशल इन अधिकारियों ने पार्क के संरक्षण मॉडल, जैव विविधता के विकास, वन्यजीव सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन पर अपने सुझाव और दृष्टिकोण भी साझा किए।
उद्घाटन के बाद विधायक प्रसाद ने पूरे परिसर का अवलोकन किया और वन विभाग की टीम के साथ मिलकर महोगनी का पौधा भी लगाया। उन्होंने इसे हजारीबाग की हरियाली को और मजबूत करने की दिशा में एक शुभ कदम बताया। उन्होंने घोषणा की कि यह पार्क अब आधिकारिक रूप से हजारीबाग की जनता को समर्पित है।
विधायक प्रसाद ने कहा कि जैव विविधता पार्क पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। प्रकृति हमें बहुत कुछ देती है, अब हमारा दायित्व है कि हम उसे संरक्षित रखें, सहेजें और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित करें। उन्होंने हजारीबाग जिला प्रशासन, वन विभाग एवं स्थानीय लोगों को इस महत्वपूर्ण परियोजना में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि हजारीबाग को हरित, स्वच्छ और पर्यावरण–समृद्ध जिले के रूप में विकसित करने की दिशा में ऐसे प्रयास लगातार जारी रहेंगे।