जाति से ऊपर उठकर मानवता के लिए जीना चाहिए – महाराज कौशिक, चंदन सभी लगाएं इससे मानसिक एकाग्रता आती है
रिपोर्टर राजेन्द्र धाकड़
नर्मदापुरम। गुप्ता ग्राउंड में श्री राम कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के छठवें दिवस आचार्य कौशिक जी महाराज ने भारी जन समुदाय को संबोधित करते हुए राम लीला , परशुराम प्रसंग, चंदन, रुद्राक्ष सहित मानवता को लेकर सारगर्भित वर्णन किया। महाराज श्री ने कहा कि परशुराम जैसा कोई क्षत्रिय नहीं हुआ। जब राम ने धनुष बाण तोड़ा तो भगवान परशुराम क्रोधित हो गए और उन्होंने कहा कि इसे किसने तोड़ा बताएं नहीं तो सारे मारे जाएंगे । राम जी हाथ जोड़कर कहते हैं कि हे भगवान यह काम तो आपका कोई दास ही कर सकता है। इसके साथ ही महाराज कौशिक ने कहा कि ऐसे श्रोता मैंने कहीं नहीं देखे जो नर्मदा पुरम में पहुंचे हैं । आप सबके बीच में पहुंचकर में सौभाग्यशाली मानता हूं। उन्होंने चंदन की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि चंदन सभी को लगाना चाहिए यह मानसिक एकाग्रता देता है। इसके साथ ही उन्होंने रुद्राक्ष पर कहा कि इसकी माला और कलेवा हर एक को धारण करना चाहिए जिससे शांति मिलती है। महाराज श्री ने कहा कि मन के हारे हार है और मन के जीते जीत होती है। मन को मजबूत बनाए रखें। उन्होंने कहा कि कथा और सत्संग की बड़ी महिमा होती है। माला छूट जाए लेकिन सत्संग नहीं छोड़ना चाहिए , सीता माता शांति का प्रतीक है । आप मेहनत करिए इससे शांति मिलेगी । आपको भगवान ने काम दिया है यह बड़ी बात है । उन्होंने कहा कि जाति-पात से ऊपर उठकर मानवता के लिए जीना चाहिए। इसके साथ ही महाराज श्री ने आह्वान किया कि हमारी कथा को 23 से 44 वर्ष के युवा ज्यादा सुनते हैं। महाराज ने कहा कि नई पीढ़ी से हम कहना चाहते हैं कि सत्संग सुनिए। आप लोग जाति पास से ऊपर उठिए इससे शांति मिलेगी और शांति ही सीता का रूप है । शांति से जिओगे तो धनुष तोड़ दोगे और फिर राम बन जाओगे। उन्होंने कहा कि नर्मदा पुरम के रहवासी बहुत ही भाग्यशाली हैं जो मां नर्मदा के तट पर विराजमान है। कथा में सभी वर्ग का सहयोग मिल रहा है। कथा 3 तारीख तक आयोजित की जाएगी और 4 दिसंबर को सुबह 8 से 11 तक आयोजित होगी।
कथा प्रतिदिन 1:30 बजे से 4 बजे तक आयोजित की जा रही है।