ब्यूरो चीफ सुंदरलाल जिला सोलन,
पीएम केंद्रीय विद्यालय 14 जीटीसी सुबाथू में हर्षोल्लास से मनाया केन्द्रीय विद्यालय संगठन का स्थापना दिवस
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय 14 जीटीसी सुबाथू में केन्द्रीय विद्यालय संगठन का स्थापना दिवस अत्यंत उत्साह, गरिमा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा पूर्व छात्रों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों से हुई। विद्यार्थियों ने कविता पाठ, भाषण एवं प्रस्तुतीकरण के माध्यम से केन्द्रीय विद्यालय संगठन की उपलब्धियों और समाज में उसके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार केन्द्रीय विद्यालय संगठन ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर देशभर में लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में अहम भूमिका निभाई है। इस अवसर पर पूर्व छात्रों एवं वर्तमान विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों तथा केन्द्रीय विद्यालय संगठन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
इसके पश्चात विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती आशा चौधरी ने अपना प्रेरणादायी संबोधन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर मार्गदर्शन देने वाले शिक्षकों की सराहना करते हुए उन्हें आनंददायी, रचनात्मक एवं नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। अपने संबोधन में उन्होंने केन्द्रीय विद्यालय संगठन के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसकी स्थापना वर्ष 1963 में मात्र 20 रेजिमेंटल स्कूलों के साथ हुई थी, जो आज देशभर में 1289 केंद्रीय विद्यालयों के रूप में विकसित होकर समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
प्राचार्या ने कहा कि केन्द्रीय विद्यालय संगठन विशेष रूप से स्थानांतरित होने वाले केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के बच्चों को समान, सतत एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने यह भी बताया कि संगठन शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ अनुशासन, राष्ट्रीय एकता, नैतिक मूल्यों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा भारतीय संस्कृति के संवर्धन पर विशेष बल देता है। स्मार्ट कक्षाएँ, डिजिटल शिक्षण, खेल-कूद, सह-शैक्षणिक गतिविधियाँ, कला एवं कौशल विकास जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करते हैं।
अपने उद्बोधन के अंत में प्राचार्या ने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के स्वस्थ, सुखद एवं समृद्ध भविष्य की कामना की तथा शिक्षा के माध्यम से जिम्मेदार नागरिक तैयार करने में केन्द्रीय विद्यालय संगठन की भूमिका को रेखांकित किया।
कार्यक्रम का समापन केन्द्रीय विद्यालय संगठन के मूल मूल्यों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की भूमिका को सुदृढ़ करने के संकल्प के साथ किया गया।