जोधपुर: लूणी के सर गांव में दलित विधवा मां की पीड़ा, मानसिक रूप से बीमार बेटी को जंजीर से बांधने की मजबूरी
लूणी उपखंड क्षेत्र में स्थित सर गांव से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। एक गरीब दलित परिवार की विधवा महिला को अपनी 17 वर्षीय मानसिक रूप से बीमार बेटी मोरकी के पैर जंजीर से बांधकर रखने पड़ रहे हैं। महिला का कहना है कि अगर बेटी को खुला छोड़ दिया जाए तो वह घर से भाग जाती है और बाहर जाकर लोगों को नुकसान पहुंचाने लगती है। पति सोनाराम मेघवाल की मौत के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी इस महिला पर आ गई है!
उसके दो बेटे और चार बेटियां हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वह दैनिक मजदूरी पर जाती है। मजदूरी के दौरान घर पर अकेली बेटी की देखभाल मुश्किल हो जाती है, इसलिए जंजीर से बांधने की मजबूरी है। परिवार इतना गरीब है कि बेटी का उचित इलाज भी नहीं करवा पा रहा। महिला ने प्रशासन से इलाज और मदद की गुहार लगाई है!
यह घटना गरीबी, मानसिक स्वास्थ्य और दलित समुदाय की चुनौतियों को उजागर करती है
स्थानीय प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर मदद प्रदान करनी चाहिए!
इंडियन न्यूज़ ब्यूरो चीफ जोधपुर दीपक बामनिया