रिपोर्ट अजय सिंह तोमर
पोरसा स्थित द्रोण एकेडमी का वार्षिकोत्सव इस बार आध्यात्म, साहित्य और राष्ट्रभक्ति के त्रिवेणी संगम का साक्षी बना। वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में जहाँ देश के ख्यातिनाम कवियों ने समां बांधा, वहीं संतों के सानिध्य ने कार्यक्रम को दिव्यता प्रदान की।कार्यक्रम की भव्यता इस बात से और बढ़ गई कि इसमें मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता परम पूज्य स्वामी श्री हंसानंद गिरि जी महाराज (महामंत्री, अखिल भारतीय संत समिति, झारखंड प्रदेश) ने की। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मुरैना सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर जी ने मंच की गरिमा बढ़ाई।
अध्यक्षीय उद्बोधन और अतिथियों के विचार
मुख्य अतिथि श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने अपने संबोधन में कहा:
“मैं संस्था के प्रेमवश बिना पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के यहाँ आया हूँ। चंबल क्षेत्र में शिक्षा के साथ ‘संस्कार’ देने का जो काम यह एकेडमी कर रही है, वह प्रशंसनीय है। वार्षिकोत्सव में कवि सम्मेलन का आयोजन एक बेहतरीन पहल है, क्योंकि कविता मनोरंजन के साथ दिशा और प्रेरणा भी देती है।”
विशिष्ट अतिथि सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर ने भी विद्यालय के बच्चों के अनुशासन और प्रतिभा की मुक्त कंठ से सराहना की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे परम पूज्य स्वामी श्री हंसानंद गिरि जी महाराज ने अपने आशीर्वाद से सबको अभिसिंचित किया। उन्होंने धर्म और संस्कृति के संरक्षण पर जोर देते हुए द्रोण एकेडमी द्वारा शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों के बीजारोपण के प्रयास को साधुवाद दिया।
काव्य पाठ: वीर रस की हुंकार और संवेदनाओं का ज्वार
कवि सम्मेलन का आगाज होते ही पंडाल तालियों से गूंज उठा। कवियों ने अपनी रचनाओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया: राम भदावर ने वीर रस और राम मंदिर पर पढ़ा:
“लड़कर मरे रावण से बचाने को जानकी,
हम गिद्ध जटायु हैं, कबूतर नहीं हैं हम।
हम राम थे, हम राम हैं और हम राम रहेंगे,
राहत नहीं है और मुनव्वर नहीं है हम।”
गौरव चौहान ने पाकिस्तान पर तीखा प्रहार किया:
“जितने बजट में तुम्हारी सब फिल्में बनें,
उतना नागिन डांस पे हम नोट उड़ा देते हैं।
और जितना बजट है तुम्हारा रोटी दाल वाला,
उतने का हम शिवजी पे दूध चढ़ा देते हैं।”
पंकज प्रसून ने माता सीता के भावों को शब्द दिए:
“बहिष्कृत नहीं मैं अलंकृत रहूंगी,
यदि न गई जीते जी मृत रहूंगी।
प्रजा ने कहा कैसे इंसान हो तुम,
उन्हें क्या बताऊं कि भगवान हो तुम।”
महेश डांगरा ने ओजपूर्ण व्यंग्य किया:
“तब मैंने कहा मित्र रखना ये बात याद,
चाय वाला जाएगा तो गाय वाला आएगा।”
अजय अंजाम (Ajay Anjam) ने चेतक की वीरता का बखान किया:
“वो नीले घोड़े का सवार तूफान दिखाई देता था,
जिस ओर निकल जाता चेतक शमशान दिखाई देता था।”
योगिता चौहान (Yogita Chauhan) ने नारी शक्ति का आह्वान किया:
“उठो सिंहनी अब दुष्टों के मस्तक धड़ से अलग करो,
कि चूड़ी वाले कोमल हाथों में तलवार जरूरी है।”
सुरेश अलबेला और चेतन चर्चित के ठहाकों पर झूमे लोग
हास्य कवि चेतन चर्चित की हाजिर जवाबी और सुरेश अलबेला के चुटकुलों ने दर्शकों को लोट-पोट कर दिया। लोगों ने उनके व्यंग्य का भरपूर आनंद लिया। अलबेला जी ने समापन राम मंदिर की इन पंक्तियों से किया:
“दसों दिशा गुंजित रहा पुरुषार्थ जिसके नाम का,
अवध पुरी में बन चुका है भव्य धाम राम का।”
नगर के गणमान्य नागरिकों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य आयोजन में नगर और जिले के कई गणमान्य नागरिकों ने शिरकत की। इनमें प्रमुख रूप से एसडीएम श्री रामनिवास सिकरवार, पोरसा नगरपालिका अध्यक्ष अशोक तोमर, भाजपा मंडल अध्यक्ष रामवीर सिंह तोमर, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष संदीप उपाध्याय, भाजपा जिला उपाध्यक्ष रामरूप सिंह तोमर, संतोष सिंह तोमर, किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष सोनू तोमर और पूर्व मंडी अध्यक्ष अनार सिंह तोमर शामिल रहे।
आयोजन समिति का विशेष सहयोग
कार्यक्रम को ऐतिहासिक और सफल बनाने में द्रोण एकेडमी के सदस्यों का विशेष योगदान रहा। इसमें अमन अग्रवाल, धर्मेंद्र करण, राधा वर्मा, गौरव, कृष्ण चंद्र दीक्षित, ब्रजनंदन त्रिपाठी और साहिल गुप्ता आदि ने दिन-रात एक कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्वामी हंसानंद गिरि जी महाराज की अध्यक्षता और दिग्गज कवियों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को पोरसा के इतिहास अपनी भव्यता और श्रेष्ठ काव्य पाठ के लिए लंबे समय तक याद किया जाएगा।