ग्राउंड लेवल पर जाकर समस्याएं समझें अधिकारी, जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय से हो समाधान
रिपोर्ट अजय सिंह तोमर
मुरैना: भारत सरकार ग्रामीण विकास मंत्रालय, कृषि भवन नई दिल्ली द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार लोकसभा निर्वाचन उपरांत गठित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक का आयोजन शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार, मुरैना में किया गया। बैठक की अध्यक्षता श्री शिवमंगल सिंह तोमर, सांसद मुरैना-श्योपुर एवं समिति के नवनिर्वाचित अध्यक्ष द्वारा की गई। यह बैठक लगभग 5 घंटे तक लगातार चली, जिसमें शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने कहा कि जनता से जुड़कर योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
बैठक में सदस्य/ सचिव के रूप में कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की पदेन सदस्य महापौर श्रीमती शारदा सोलंकी, अंबाह विधायक श्री देवेन्द्र सखवार, सुमावली विधायक के प्रतिनिधि के तौर पर श्री बालकृष्ण सांटा, जनपद अध्यक्ष अंबाह सुश्री मधुरिमा तोमर, जनपद अध्यक्ष पोरसा श्रीमती अनुराधा सहित नगर परिषद कैलारस की अध्यक्ष श्रीमती अंजना बंसल, पूर्व विधायक दिमनी श्री बलवीर सिंह डंडोतिया, श्रीमती रानी हरिशचंद्र सिंह सिकरवार, श्री गजेन्द्र सिंह तोमर डॉ. देवकुमार गर्ग, श्रीमती रीना डण्डौतिया के अलावा संबंधित विभागों के जिलाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक को संबोधित करते हुए सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर ने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी फील्ड पर जाकर जमीनी स्तर की वास्तविक समस्याओं को समझें और उनका विश्लेषण करें, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को समय पर दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता से सीधे जुड़े होते हैं, अधिकारियों को उनके साथ समन्वय स्थापित कर योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करना चाहिए।
सांसद श्री तोमर ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग को कम करना भविष्य की आवश्यकता है, इसके लिए किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड की जानकारी सरल भाषा में दी जाए। सभी आरएईओ अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में किसानों से संवाद कर उन्हें मिट्टी परीक्षण के अनुसार उर्वरक उपयोग हेतु प्रेरित करें। उन्होंने मध्यप्रदेश ग्राम सड़क योजना एवं सीएम मजरा-टोला योजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से सड़कों के निर्माण की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।
एनआरएलएम की समीक्षा के दौरान सांसद ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से दुग्ध उत्पादन क्लस्टर विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गुजरात में अमूल मॉडल सफल है, उसी तर्ज पर मुरैना जिले में भी दुग्ध उत्पादन आधारित आजीविका को बढ़ावा दिया जाए।
प्रधानमंत्री आवास प्लस एवं पीएम जनमन योजना की समीक्षा में पाया गया कि 844 हितग्राहियों में से लगभग 50 प्रतिशत कार्य ही पूर्ण हुआ है, जबकि पहाड़गढ़ क्षेत्र में पीएम जनमन अंतर्गत 100 प्रतिशत सैचुरेशन है। इस पर सांसद ने शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए और कहा कि सभी योजनाओं में शीघ्र सैचुरेशन लाया जाए।
स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा में मॉडल विलेज की प्रगति 85.76 प्रतिशत बताई गई। सामुदायिक स्वच्छता परिसरों को अभियान के रूप में खोलकर उनकी सफाई एवं रखरखाव सुनिश्चित किए जाने की जानकारी कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ द्वारा दी गई।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति योजनाओं की समीक्षा के दौरान सांसद ने निर्देश दिए कि सभी स्कूल एवं छात्रावासों में एससी-एसटी छात्रों को मिलने वाली योजनाओं की जानकारी दीवार लेखन के माध्यम से प्रदर्शित की जाए, ताकि छात्र योजनाओं का लाभ लेकर उच्च शिक्षा एवं सिविल सेवा जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें।
उन्होंने जल संसाधन विभाग द्वारा चंबल नहर प्रणाली की जानकारी लेते हुए कहा कि केन-बेतवा परियोजना प्रारंभ होने से मुरैना एवं आसपास के क्षेत्रों को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा।
पीएचई विभाग को निर्देशित किया गया कि जल जीवन मिशन एवं एकल ग्राम योजना के अंतर्गत शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करें तथा जहां भी दूषित पानी की समस्या है, उसे तत्काल ठीक कराया जाए। नगर निगम की समीक्षा में सांसद ने कहा कि सीवर/सर्विस लाइन डालने के बाद सड़कों की मरम्मत गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराई जाए तथा किसी भी क्षेत्र में गंदा पानी नालियों में न बहे, यह सुनिश्चित किया जाए।
विद्युत विभाग को क्षमता वृद्धि, ठेकेदारों की सूची जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने एवं समाधान योजना के तहत शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी एवं डीपीसी को सभी स्कूलों में भ्रमण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्कूलों में जाएँ एवं भवनविहीन विद्यालयों एवं जहां भी विद्यालयों में मरम्मत की आवश्यकता है वहां पर जाकर उसका सही से निरीक्षण करके और त्वरित कार्य करवाएं। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा जिसके अंतर्गत भवन विहीन विद्यालयों में भवन बनवाने का कार्य किया जाना था, उसके बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने सभी विद्यालयों में संबंधित योजनाओं एवं अन्य जानकारियों को दीवार लेखन के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने बताया कि मनरेगा अंतर्गत खेत-तालाब योजना में यदि किसी भी साइट का चयन गलत पाया गया, तो संबंधित अधिकारी एवं इंजीनियर के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में राशि के दुरुपयोग पर अपात्र हितग्राहियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है।
कलेक्टर ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना की जागरूकता ग्राउंड लेवल तक पहुंचाई जा रही है तथा राशन पर्चीधारी पात्र हितग्राही आयुष्मान कार्ड के भी पात्र हैं। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में उन्होंने निर्देश दिए कि प्रथम त्रैमास में गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण सुनिश्चित हो, एनआरसी में मरीजों की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए। बीपी, शुगर जैसी नॉन-कम्युनिकेबल बीमारियों की नियमित जांच हो।
कृषि विभाग की समीक्षा में उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, वे शीघ्र बनवाएं, क्योंकि बिना फार्मर आईडी के ई-विकास प्रणाली के अंतर्गत टोकन जनरेट नहीं हो पाएंगे। उन्होंने सभी किसानों से अपील की है कि सभी अपनी फार्मर आईडी बनवाना सुनिश्चित करें एवं उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भी इस संबंध में निर्देशित किया। उप संचालक कृषि को निर्देश दिए गए कि सॉइल हेल्थ कार्ड की जानकारी किसानों को सरल भाषा में समझाई जाए।
साथ ही बैठक में ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण, आवास एवं शहरी मामले, जल संसाधन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, शिक्षा, पेयजल एवं स्वच्छता, युवा मामले एवं खेल, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, अनुसूचित जाति कल्याण तथा लोक निर्माण विभाग की विस्तार से चर्चा हुई