स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम पाए जाने पर दो बीआरसी को कारण बताओ नोटिस
रिपोर्ट अजय सिंह तोमर
मुरैना: मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार मुरैना में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाई जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा के दौरान जिला सीईओ ने मध्यान्ह भोजन योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि मुरैना विकासखंड में छात्रों की उपस्थिति मात्र 39 प्रतिशत एवं जौरा विकासखंड में 44 प्रतिशत दर्ज की गई है, जबकि न्यूनतम 60 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए उन्होंने मुरैना एवं जौरा के बीआरसी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा शैक्षणिक परिणामों का प्रतिशत बेहतर होना चाहिए।
इसके पश्चात जिला सीईओ ने सीएम हेल्पलाइन की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के दौरान समस्त एडीओ एवं पीसीओ को निर्देशित किया गया कि लंबित सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों का निराकरण 10 जनवरी तक अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों का समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जिला सीईओ ने आगामी सात दिनों में किए जाने वाले प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के सर्वे को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य पूरी गंभीरता एवं पारदर्शिता के साथ किया जाए तथा निर्धारित मापदंडों के अनुसार ही पात्र हितग्राहियों के नाम शामिल किए जाएं। अपात्र व्यक्तियों के नाम सूची में पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सर्वे के पश्चात भारत सरकार की टीम द्वारा सत्यापन किया जाएगा।
बैठक में जिला सीईओ द्वारा एनआरएलएम, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, स्वच्छ भारत मिशन, वाटरशैड कार्यक्रम तथा प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होंने सभी योजनाओं में लक्ष्य अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में एपीओ, जनपद सीईओ, एडीईओ, पीसीओ सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे!