बसंत पंचमी पर विद्यारंभ संस्कार,बच्चों ने हवन में डाली आहुति
अकरम खान पटेल की रिपोर्ट।
बैतूल। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती प्रकट हुईं थी, इस दिन विद्या की देवी सरस्वती की विशेष पूजा की जाती है इसलिए ये विशेष रूप से विद्यार्थियों का दिन भी माना गया है। मान्यता है कि जिस पर मां सरस्वती की कृपा होती है वह विद्या और ज्ञान का धनी होता है। सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मध्यप्रदेश भोपाल के मार्गदर्शन में सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कालापाठा में बसंत पंचमी उत्सव पूर्ण हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्या भारती की योजनानुसार विद्यारम्भ संस्कार का अनूठा कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्ष व विश्व मांगल्य सभा सह कोषाध्यक्ष मध्य भारत प्रान्त श्रद्धा खण्डेलवाल और श्रीमती श्वेता वालम्बे महिला एवं बाल विकास परियोजना बैतूल श्रीमती पूनम खण्डेलवाल का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के पूर्व चारों वेदों को सिर पर रखकर घोष-बाजों के साथ क्षेत्र के मन्दिरों में भ्रमण किया गया। विद्यालय वापसी पर माताओं व छोटे बच्चों के पैर धुलाए गए। माताओं ने अपनी गोद में नौनिहालों को शिशु के दाहिने हाथ पकडक़र ओंकार ध्वनि के साथ ‘ओम’ व स्वास्तिक की आकृति बनवाई, क्योंकि सृष्टि में प्रथम ‘ओम’ की उत्पत्ति हुई थी उसके पश्चात् हवन में आहुति छोडक़र शिशुओं का विद्यारम्भ संस्कार कराया। कार्यक्रम के शुभारंभ पर अतिथियों द्वारा सरस्वती का पूजन, श्रीमती कीर्ति साहू द्वारा सरस्वती वन्दना व पंडित आकाश तिवारी के मुखारविंद से वेदोच्चारण के साथ वेद पूजन व हवन कार्यक्रम संपन्न किया। कार्यक्रम विद्यालय प्राचार्य संजय उपाध्याय के मार्गदर्शन में शिशु वाटिका जिला प्रमुख श्रीमती शारदा साबले द्वारा पूर्ण कराए गए। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की मोनिका वर्मा व आभार रीतू देवड़े ने व्यक्त किया।
बैतूल। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती प्रकट हुईं थी, इस दिन विद्या की देवी सरस्वती की विशेष पूजा की जाती है इसलिए ये विशेष रूप से विद्यार्थियों का दिन भी माना गया है। मान्यता है कि जिस पर मां सरस्वती की कृपा होती है वह विद्या और ज्ञान का धनी होता है। सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मध्यप्रदेश भोपाल के मार्गदर्शन में सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कालापाठा में बसंत पंचमी उत्सव पूर्ण हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्या भारती की योजनानुसार विद्यारम्भ संस्कार का अनूठा कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्ष व विश्व मांगल्य सभा सह कोषाध्यक्ष मध्य भारत प्रान्त श्रद्धा खण्डेलवाल और श्रीमती श्वेता वालम्बे महिला एवं बाल विकास परियोजना बैतूल श्रीमती पूनम खण्डेलवाल का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के पूर्व चारों वेदों को सिर पर रखकर घोष-बाजों के साथ क्षेत्र के मन्दिरों में भ्रमण किया गया। विद्यालय वापसी पर माताओं व छोटे बच्चों के पैर धुलाए गए। माताओं ने अपनी गोद में नौनिहालों को शिशु के दाहिने हाथ पकडक़र ओंकार ध्वनि के साथ ‘ओम’ व स्वास्तिक की आकृति बनवाई, क्योंकि सृष्टि में प्रथम ‘ओम’ की उत्पत्ति हुई थी उसके पश्चात् हवन में आहुति छोडक़र शिशुओं का विद्यारम्भ संस्कार कराया। कार्यक्रम के शुभारंभ पर अतिथियों द्वारा सरस्वती का पूजन, श्रीमती कीर्ति साहू द्वारा सरस्वती वन्दना व पंडित आकाश तिवारी के मुखारविंद से वेदोच्चारण के साथ वेद पूजन व हवन कार्यक्रम संपन्न किया। कार्यक्रम विद्यालय प्राचार्य संजय उपाध्याय के मार्गदर्शन में शिशु वाटिका जिला प्रमुख श्रीमती शारदा साबले द्वारा पूर्ण कराए गए। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की मोनिका वर्मा व आभार रीतू देवड़े ने व्यक्त किया।
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