वाराणसी से प्रवीण मिश्रा की रिपोर्ट।
इंडियन टीवी न्यूज नैशनल।
कमिश्नरेट में अपराधियों की अब खैर नहीं है। अपराध मुक्त काशी के संकल्प को चरितार्थ करते हुए सिंधोरा थाना प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेंद्र कुमार त्रिपाठी और उनकी टीम ने आफताब आलम हत्याकांड के दूसरे फरार आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिसिंग का लोहा मनवाया है। अपनी सूझबूझ और सटीक रणनीतिक कौशल के लिए पहचाने जाने वाले इंस्पेक्टर ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने मुखबिरों के जाल और टेक्निकल सर्विलांस के दम पर आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
पुलिया पर बिछाया गया ‘चक्रव्यूह’,हत्याकांड के बाद से ही फरार चल रहे अभियुक्त प्रदीप जैसवार को पकड़ने के लिए इंस्पेक्टर ज्ञानेंद्र त्रिपाठी लगातार दबिश दे रहे थे। बुधवार को सटीक सूचना मिलते ही उन्होंने अपनी टीम के साथ सिंधोरा-धरसौना मार्ग पर घेराबंदी की। रामबाबा मंदिर के पास वाली पुलिया पर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को उस वक्त दबोच लिया, जब वह भागने की फिराक में था।
पूछताछ में खुले हत्या के राज, इंस्पेक्टर ज्ञानेंद्र त्रिपाठी की कड़ी पूछताछ के सामने आरोपी प्रदीप जैसवार ज्यादा देर टिक नहीं पाया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पूछताछ में जो तथ्य सामने आए, वे चौंकाने वाले हैं:
मुख्य आरोपी वीरेन्द्र यादव (जो पहले ही जेल जा चुका है) के साथ मिलकर प्रदीप ने साजिश रची थी।
बीती 7 जनवरी की रात बहला-फुसलाकर आफताब को महगाँव बगिया ले जाया गया।
सुनसान इलाके का फायदा उठाकर बेरहमी से इस वारदात को अंजाम दिया गया।
अपराधियों में खौफ, जनता में विश्वास जब से निरीक्षक ज्ञानेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कमान संभाली है, सिंधोरा क्षेत्र में अपराधियों के हौसले पस्त हैं। इस हाई-प्रोफाइल केस को सुलझाने में उनकी तत्परता की सराहना आला अधिकारी भी कर रहे हैं। इस गिरफ्तारी के साथ ही आफताब आलम हत्याकांड की गुत्थी अब पूरी तरह सुलझ गई है।
गिरफ्तार अभियुक्त : प्रदीप जैसवार (23 वर्ष), निवासी जगदीशपुर, थाना चोलापुर।
सराहनीय टीम : प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार त्रिपाठी, उ0नि0 रोहित कुमार, उ0नि0 अंकित सिंह और उ0नि0 भगवती प्रसाद कश्यप।