बरेली। फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र के गांव अगरास में लकड़ी माफिया द्वारा बिना किसी वैध परमिट के प्रतिबंधित आम के हरे-भरे पेड़ों का कटान किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि गांव के बाहर जंगल से सटी एक ग्रामीण की जमीन पर खड़े करीब पांच बेशकीमती आम के पेड़ों को चोरी-छिपे काटकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर ले जाया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काटे गए सभी पेड़ पूरी तरह हरे-भरे और स्वस्थ थे। ग्रामीणों का कहना है कि कटान की कोई अनुमति नहीं ली गई थी। मामले की गोपनीय शिकायत वन विभाग से की गई थी, लेकिन आरोप है कि समय रहते कटान रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
सूचना मिलने पर जब मीडिया कर्मी मौके पर पहुंचे और फोटो-वीडियो बनाने लगे तो ठेकेदार व खेत स्वामी कथित रूप से अभद्र व्यवहार पर उतारू हो गए। यहां तक कि कवरेज कर लौटने के बाद फोन पर भी अभद्र भाषा का प्रयोग किए जाने की बात सामने आई है।
इस संबंध में रेंजर संतोष कुमार मठपाल ने बताया कि वह अवकाश पर हैं। मामले की जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों में इस घटना को लेकर रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि प्रतिबंधित पेड़ों का कटान इसी तरह चलता रहा तो पर्यावरण संतुलन पर गंभीर असर पड़ेगा। अब सभी की निगाहें वन विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।
प्रवन पाण्डेय ITN National
जिला संवाददाता बरेली