झाकिर झंकार : आहवा
बचपन में हम सबने “एक था चको और एक थी चकी” जैसी कहानियां सुनी हैं, लेकिन आज वही चिड़िया धीरे-धीरे हमारे जीवन से गायब होती जा रही है। कभी चिड़ियों की चहचहाहट से सुबह होती थी, लेकिन आज उनकी संख्या बहुत कम हो गई है।
चिड़ियों के घटने का मुख्य कारण उनके रहने के स्थानों का नष्ट होना और बढ़ता प्रदूषण है। इसलिए अब समय आ गया है कि हम चिड़ियों के संरक्षण के लिए आगे आएं। अपने घर की छत, आंगन या सुरक्षित जगह पर छोटे-छोटे घोंसले बनाकर, पानी और दाना रखकर हम उन्हें बचा सकते हैं।
चिड़िया किसानों के लिए भी बहुत उपयोगी है, क्योंकि यह फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़े खाती है, जिससे रसायनों का उपयोग कम होता है और पर्यावरण सुरक्षित रहता है।
पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। छोटे-छोटे प्रयास जैसे पेड़ लगाना, चिड़ियों के लिए घर बनाना और प्रदूषण कम करना, आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य बना सकते हैं।
आइए, इस विश्व चिड़िया दिवस पर संकल्प लें —
चिड़िया बचाएं, पर्यावरण बचाएं और भविष्य सुरक्षित बनाएं।