सहारनपुर बेहट मिर्जापुर
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की लगातार जारी कार्रवाई के बीच, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पूर्व एमएलसी और खनन खनन कारोबारी हाजी मोहम्मद इकबाल पर कानून का शिकंजा और कस गया है। लखनऊ स्थित PMLA की विशेष अदालत ने मंगलवार को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए इकबाल को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ (FEO) घोषित कर दिया है!!विशेष न्यायाधीश राहुल प्रकाश के इस आदेश के बाद अब ईडी के पास इकबाल की देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में स्थित संपत्तियों को भी कुर्क करने का कानूनी अधिकार मिल गया है!! अदालत के आदेश के बाद हाजी मोहम्मद इकबाल से जुड़ी तीन प्रमुख चीनी मिलों को जब्त किया जाएगा!! इन मिलों की कुल अनुमानित बाजार कीमत लगभग 1000 करोड़ रुपये बताई जा रही है!! ईडी अब तक हाजी इकबाल और उसके सहयोगियों की 5000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क कर चुकी है। इसमें सहारनपुर स्थित प्रसिद्ध ग्लोकल यूनिवर्सिटी भी शामिल है।भगोड़ा घोषित होने के बाद अब ईडी दुबई सहित अन्य देशों में मौजूद उनकी संपत्तियों को चिह्नित कर अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत कार्रवाई शुरू करेगी। हाजी मोहम्मद इकबाल लंबे समय से जांच एजेंसियों के रडार पर है। उस पर अवैध खनन, मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी कंपनियां बनाकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने के गंभीर आरोप हैं।वह पिछले कई वर्षों से भारत छोड़कर दुबई में है और बार-बार समन भेजने के बावजूद उन पर जांच में शामिल नहीं होने का भी आरोप है! ईडी के जोनल कार्यालय के अनुरोध पर अदालत ने ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम’ के तहत यह कदम उठाया है, ताकि अपराधियों को यह संदेश दिया जा सके कि देश से बाहर भागकर भी वे अपनी संपत्ति नहीं बचा पाएंगे।हाजी मोहम्मद इकबाल को कभी पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा खनन कारोबारी माना जाता था। उसके रसूख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश की एक दर्जन से अधिक जांच एजेंसियां (जैसे CBI, ED, SFIO, और इनकम टैक्स) उसके खिलाफ मामलों की जांच कर रही हैं। स्थानीय पुलिस ने भी पूर्व में उसकी कई बेनामी संपत्तियों पर बुलडोजर चलवाया और उन्हें सील किया है!! विशेषज्ञों का मानना है कि इस आदेश के बाद हाजी मोहम्मद इकबाल के आर्थिक साम्राज्य की कमर पूरी तरह टूट जाएगी। अब ईडी की प्राथमिकता उसे प्रत्यर्पित कर भारत लाने और उसकी अंतरराष्ट्रीय संपत्तियों को भारतीय खजाने में शामिल करने की होगी!
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़