अकरम खान पटेल की रिपोर्ट
बैतूल। विगत दिवस एनटीए द्वारा जेईई मेंस के परिणाम घोषित किए गए। जिसमें जिले में शासन के द्वारा चलाई जा रही शासकीय शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा दिए जा रहे योगदान से संचालित जेईई तथा नीट की नि:शुल्क कोचिंग से एक बार फिर आशातीत सफलता प्राप्त हुई है। जो महंगी कोचिंग संस्थानों में अपना प्रवेश नहीं ले सकते या फिर बड़े शहरों में कोचिंग करने नहीं जा सकते हैं। इस वर्ष जेईई मेन्स में कुल 98 विद्यार्थी चयनित हुए जिन्हें अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज मिल सकते हैं इनमें से 24 विद्यार्थियों ने जेईई एडवांस के लिए क्वालीफाई किया है जो अगले माह में होने वाली आईआईटी प्रवेश की परीक्षा के लिए आवेदन करेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र वरकड़े , सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग विवेक पांडे, वर्तमान प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी एवं उत्कृष्ट विद्यालय प्राचार्य सत्येंद्र उदयपुरे तथा आईटी सेल जिला प्रभारी विनोद पडलक ने विद्यार्थियों को इस सफलता के लिए बधाई दी है। कोचिंग प्रभारी प्राचार्य सेमझिरा नीलेश्वर कालभोर ने बताया कि जेईई तथा नीट की नि:शुल्क कोचिंग सत्र 2025-26 के शुभारंभ के साथ ही प्रारंभ कर दी गई थी जिसमें संबंधित विषय के शिक्षक- शिक्षिकाओं द्वारा अध्यापन कार्य के साथ-साथ अतिरिक्त समय देकर मार्गदर्शन किया गया। उल्लेखनीय है कि तत्कालीन कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग तथा जनजाति कार्य विभाग के सभी विकासखण्डो में जेईई तथा नीट की नि:शुल्क कक्षाएं संचालित की गई।
*उल्लेखनीय आंकडे है उपलब्धी के*
यह कोचिंग सर्वप्रथम जिले मे 2023 से संचालित की गई है, जिसमें जेईई तथा नीट में 95 बच्चों का, 2024 में 85 और 2025 में 103 विद्यार्थियों का चयन हुआ। इस वर्ष की नीट की परीक्षा अभी बाकी है इसमें भी आशातीत परिणाम आने की संभावना है। इस नि:शुल्क कोचिंग का लाभ उठाकर बहुत से विद्यार्थी देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग तथा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पा चुके है। इसमें अध्ययनरत विद्यार्थियों के ऐसे पालक जो अपने बच्चों की बड़ी कोचिंग की फीस नहीं दे पा रहे हैं या अपने बच्चों को बड़े शहरों में बाहर नहीं भेज पा रहे हैं उनके लिए भविष्य बनाने का एक अच्छा अवसर है। प्रत्येक विकासखंड स्तर पर जेईई तथा नीट विकासखंड प्रभारी बनाए गए हैं जो अपने विकासखंड में सभी विद्यालयों से समन्वय करते हैं। प्रत्येक स्कूल में एक जेईई तथा नीट का प्रभारी शिक्षक बनाया गया है ।
*टीम बनाकर मिली सफलता*
जिला स्तर पर एक पांच सदस्यीय जिला स्तरीय टीम बनाई गई है। इस टीम में नीलेश्वर कालभोर साथ ही इसमें गणित भोजराज पोटफोडे, रसायन उमेश कुमार शर्मा, जीव विज्ञान घनश्याम वरवडे, भौतिक के लिए मदन गोपाल सूर्यवंशी है जो कि जिला स्तर पर अध्ययन सामग्री तथा टेस्ट पेपर्स को शासकीय विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं की सहायता से तैयार कराते है। विद्यालयों के जेईई तथा नीट विद्यालय प्रभारी को व्हाट्सएप के जरिए सीधे टेस्ट पेपर्स भेजे जाते हैं जिसका प्रिंट आउट निकालकर विद्यार्थियों से ओएमआर शीट पर हल कराया जाता है। इसके पश्चात समय सारणी से आंसर शीट भेजी जाती है ओएमआर शीट का मूल्यांकन विद्यालय के शिक्षकों द्वारा कर विद्यार्थियों की प्रगति का आकलन किया जाता है। सभी चयनित विद्यार्थियों को अच्छे इंजीनियरिंग तथा मेडिकल कॉलेज मिल जाए उसके लिए विद्यार्थियों की काउंसलिंग में भी जिला स्तरीय टीम सतत सहायता प्रदान करती है ।