आशीष मिश्रा हरपालपुर, हरदोई।
कोतवाली हरपालपुर क्षेत्र के ग्राम अर्जुनपुर में हुए चर्चित अशोक हत्याकांड के मुख्य आरोपी पर मृतक के पुत्र और चश्मदीद गवाह को जान से मारने की धमकी देने तथा सुलह के लिए दबाव बनाने का आरोप लगा है। पीड़ित ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक हरदोई से मिलकर प्रार्थना पत्र सौंपा और सुरक्षा की मांग की।
क्या है मामला
अर्जुनपुर के अशोक हत्याकांड में सामेंद्र पुत्र कैलाश मुख्य आरोपी के रूप में नामजद है। इस मामले में चार अन्य आरोपी भी नामजद हैं, जिनमें से दो को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। आरोपी के सगे भाई रावेंद्र पुत्र कैलाश की जमानत अर्जी जिला न्यायालय से खारिज हो चुकी है।
धमकी का आरोप
मृतक अशोक के पुत्र अरविंद सिंह का आरोप है कि भाई की जमानत खारिज होने के बाद से सामेंद्र उसे और मामले के चश्मदीद गवाह जितेंद्र पुत्र महेंद्र सिंह को लगातार धमका रहा है।
अरविंद के अनुसार आरोपी ने कहा हाईकोर्ट लखनऊ बेंच में जमानत अर्जी विचाराधीन है। जमानत होते ही तुम दोनों की भी अशोक की तरह हत्या कर देंगे। कानूनी कार्रवाई बंद कर सुलह कर लो, इसी में तुम्हारी और परिवार की भलाई है। पुलिस-प्रशासन मेरे पक्ष में है।”
साक्ष्य मिटाने और जांच पर सवाल
SP को दिए प्रार्थना पत्र में अरविंद सिंह ने आरोप लगाया कि गांव में लगे CCTV फुटेज से साक्ष्य मिटाए गए हैं। केस डायरी के अनुसार CDR रिपोर्ट के आधार पर सामेंद्र व अन्य के नाम हटा दिए गए, जबकि घटना स्थल के वीडियो में सभी नामजद अभियुक्तों की मौजूदगी साफ दिख रही है।
अरविंद का आरोप है कि हरपालपुर कोतवाली के विवेचक इंस्पेक्टर वीरेंद्र पंकज ने आरोपियों को चार्जशीट से निकाल दिया। उन्होंने कहा कि पहले भी SP को वीडियो-फोटो दिखाकर घटना में आरोपियों की मौजूदगी के सबूत दिए थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
SP ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
अरविंद सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक ने प्रार्थना पत्र लेने के बाद मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। लगातार धमकियां मिलने के कारण मृतक के पुत्र अरविंद और गवाह जितेंद्र ने SP से मिलकर जान-माल की सुरक्षा की मांग की है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने मामले की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले में जांच जारी है। किसी भी व्यक्ति के दोषी होने का निर्धारण सक्षम न्यायालय द्वारा ही किया जाएगा
आशीष मिश्रा की खास रिपोर्ट