सोनभद्र।नोएडा श्रमिक आंदोलन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा न्यूनतम मजदूरी में की गई असमान वृद्धि और उसमें भी प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र सोनभद्र के मजदूरों के मिनिमम वेज में की गई मामूली वृद्धि से श्रमिकों में गहरा आक्रोश है। ओबरा में कल शाम ठेका मजदूर यूनियन द्वारा मई दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित मजदूरों ने यह पीड़ा व्यक्त की। मजदूरों ने एक स्वर से मांग की कि प्रदेश में तत्काल वेज बोर्ड का गठन कर न्यूनतम मजदूरी 26000 रुपए करनी चाहिए, ओबरा व अनपरा में ईएसआई अस्पताल का निर्माण करना चाहिए, मजदूरों को रहने के लिए मुफ़्त आवास और 60 साल पर रिटायर किए जाने वाले ठेका मजदूरों को ग्रेच्युटी का भुगतान करना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता ठेका मजदूर यूनियन के जिला अध्यक्ष तीरथराज यादव ने और संचालन संयुक्त मंत्री मोहन प्रसाद ने किया।
कार्यक्रम में श्रमिक नेताओं ने कहा कि मजदूर दिवस के अवसर पर लखनऊ में आयोजित श्रम सम्मान कार्यक्रम में प्रदेश के मजदूरों को यह उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नोएडा श्रमिक आंदोलन के बाद वेज बोर्ड गठन के अपने वादे को पूरा करेंगे लेकिन यह नहीं हुआ। अभी भी सीएम द्वारा प्रदेश के हर औद्योगिक केंद्र की में ईएसआई अस्पताल खोलने, श्रमिकों को आवासीय सुविधा देने, आयुष्मान कार्ड बनाने जैसी घोषणाएं महज जुमला न रह जाए जमीन पर उतरें ऐसी उम्मीद की गई। बैठक में कहा गया कि नोएडा श्रमिक आंदोलन के बाद ट्रेड यूनियन नेताओं और मजदूरों के खिलाफ युद्ध में उतरी योगी सरकार को दमन की नीति से वापस हटाना चाहिए और जिन कारणों से यह श्रमिक असंतोष दिखाई दिया है उसे हल करने का प्रयास करना चाहिए। मई दिवस मनाने पर रोक के लिए प्रदेश के कई जगह किए दमन की निंदा करते हुए नोएडा श्रमिक आंदोलन में गिरफ्तार सभी लोगों को बिना शर्त तत्काल रिहा करने का अनुरोध किया गया। बैठक में खनन व क्रशर में लगे हजारों श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा के लिए उन्हें भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत करने की मांग भी एक बार फिर से पूरे जोर से उठाई गई।
कार्यक्रम में अरविंद कुमार, लल्लन गुप्ता, नन्हेंलाल, भीखम राम, अवधेश मौर्य, राम विलास, रामकुमार, राम मिशन, अब्दुल हसन, अशोक जैसल, दीपक, विनोद जायसवाल आदि लोगों ने अपनी बात रखी।