वाराणसी से प्रवीण मिश्रा की रिपोर्ट।
इंडियन टीवी न्यूज नैशनल।
वाराणसी|उत्तर प्रदेश की वाराणसी पुलिस ने चर्चित मनीष सिंह हत्याकांड में न्याय की गुहार लगा रही पीड़ित पत्नी से किया गया वादा निभा दिया है। सोमवार को फूलपुर पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम ने एक साहसिक मुठभेड़ के दौरान 50-50 हजार रुपये के दो इनामी मुख्य आरोपियों को हाफ एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी है।
जर्जर ईंट-भट्टे में हुई भीषण मुठभेड़
पुलिस को सटीक सूचना मिली थी कि मनीष हत्याकांड के फरार आरोपी आशीष राजभर और मनीष राजभर ग्राम कठिराव खरका के पास एक जर्जर ईंट-भट्टे में छिपे हैं। पुलिस टीम ने जब घेराबंदी की, तो बदमाशों ने खुद को घिरा देख पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोलियां दोनों अभियुक्तों के पैरों में लगीं, जिससे वे घायल होकर गिर पड़े और उन्हें तत्काल हिरासत में ले लिया गया। उनके पास से दो .315 बोर के तमंचे और कारतूस बरामद हुए हैं।
जनता की मांग और ‘लेडी सिंघम’ का एक्शन
विदित हो कि 26 अप्रैल 2026 को घमहापुर में एक मामूली सड़क दुर्घटना के बाद भीड़ ने चालक मनीष सिंह की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। मृतक की पत्नी ने (डीसीपी गोमती जोन *नीतू काद्दयान*, जिन्हें क्षेत्र में ‘लेडी सिंघम’ के नाम से जाना जाता है), से आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की थी।
टीम वर्क से मिली बड़ी सफलता
डीसीपी लेडी सिंघम नीतू काद्दयान और एडीसीपी नृपेंद्र कुमार के कुशल निर्देशन में फूलपुर थाना प्रभारी निरीक्षक अतुल कुमार सिंह और एसओजी प्रभारी गौरव सिंहकी टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से अपराधियों में खौफ है और पीड़ित परिवार को इंसाफ की उम्मीद जगी है। फिलहाल घायलों का उपचार अस्पताल में चल रहा है।