संतन दास मानिकपुरी ब्यूरो चीफ महासमुदं छतीसगढ
महासमुदं
विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत आज जिले के पांचों विकासखण्डों के 10 ग्रामों में शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें कृषि तथा अन्य समवर्गीय विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर एवं किसान रथ के माध्यम से विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रचार कार्यक्रम में उपस्थित कृषकों एवं जनप्रतिनिधियों के समक्ष किया गया। शिविर का आयोजन विकासखण्ड महासमुंद अतर्गत ग्राम मालीडीह एवं जोबा, विकासखण्ड बागबाहरा अतंर्गत खटटी एवं परकोम, विकासखण्ड पिथौरा के ग्राम जघोरा एवं नयापाराकला, विकासखण्ड बसना अतर्गत मेदनीपुर एवं रूपापाली तथा विकासखण्ड सरायपाली के ग्राम पझरापाली एवं अरतुंडा में विकसित कृषि संकल्प अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सभी शिविरों में जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में कृषकगण उपस्थित रहे।
शिविर में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा मृदा स्वास्थ्य कार्ड में फसलवार अनुशंसित मात्रा अनुसार संतुलित उर्वरक के उपयोग के लिए किसानों को जागरूक एवं प्रोत्साहित किया गया एवं किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग प्रोत्साहन हेतु वैज्ञानिक अनुशंसा के आधार पर ई-उर्वरक (टोकन प्रणाली) आधारित उर्वरक वितरण व्यवस्था के बारे में विस्तार से बताया गया। तथा डी.ए.पी.के विकल्प के रूप में अन्य रासायनिक उर्वरक जैसे – नैनो डीएपी. नैनो यूरिया 12ः32ः16, 20ः20ः13 एवं एसएसपी के उपयोग के संबंध में कृषकों को बताया गया। हरीखाद, जैव उर्वरक, नीलहरित काई, केंचुआ खाद आदि के उपयोग से न केवल भूमि की दशा में सुधार होता है अपितु उत्पादकता वृद्धि भी होती है। शिविर में उपस्थित अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा किसानों से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, केसीसी, एग्रीस्टैक से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए। जिसमें से कुछ आवेदनों का निराकरण शिविर स्थल पर ही मौके पर किया गया तथा शेष आवेदनों का शीघ्र निराकरण किया जाएगा।