बांदा
जिले में लखनऊ में पुलिस प्रशासन द्वारा अधिवक्ताओं के चैंबर तोड़े जाने और विरोध करने पर निहत्थे वकीलों व महिला अधिवक्ताओं पर किए गए बर्बर लाठीचार्ज का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस अमानवीय घटना के विरोध में आज बांदा जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विमल कुमार सिंह एवं महासचिव राजेश कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी बांदा के माध्यम से सूबे के मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
बार संघ अध्यक्ष विमल सिंह ने
होपा ज्ञापन और मीडिया को दिए गए बयान में जिला अधिवक्ता संघ बांदा के अध्यक्ष विमल कुमार सिंह ने पुलिसिया कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने वीडियो बाइट में सीधा आरोप लगाते हुए कहा:
”17 मई 2026 को लखनऊ पुलिस द्वारा अधिवक्ताओं के चैंबर गिराने के दौरान बेहद बर्बर तरीके से लाठीचार्ज किया गया। अधिवक्ताओं की कोई गलती न होते हुए भी उन पर अमानवीय तरीके से बल प्रयोग किया गया है। सबसे शर्मनाक और निंदनीय बात यह है कि हमारी महिला अधिवक्ताओं को पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया है। पुलिस की यह खराब कार्यशैली यह साफ बयां करती है कि प्रदेश में ‘Rule of Law’ (कानून का शासन) की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।”
अध्यक्ष ने आगे कहा कि अधिवक्ता हमेशा कानून का पालन करते हैं और कभी भी कानून से इतर कार्य नहीं करते, इसके बावजूद उनके साथ अपराधियों जैसा सुलूक किया गया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कई गंभीर रूप से घायल वकीलों का इलाज लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में चल रहा है।
अधिवक्ता संघ ने मुख्यमंत्री से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु उठाए गए हैं:
लखनऊ की इस पूरी घटना की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराई जाए।
दोषी अधिकारियों पर FIR: लाठीचार्ज और इस अमानवीय कृत्य में संलिप्त सभी दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से एफआईआर (FIR) दर्ज कर उन्हें विधि अनुसार दंडित किया जाए।
घटना में गंभीर रूप से घायल हुए सभी अधिवक्ताओं को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 25से -25 लाख रुपये की सहायता धनराशि दी जाए।
जिन अधिवक्ताओं के चैंबरों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया है, उनके उचित पुनर्वास और चैंबर निर्माण की व्यवस्था कराई जाए।
तत्काल कार्रवाई की अपील
महासचिव राजेश कुमार त्रिपाठी ‘सोनू’ ने कहा कि यदि सरकार और प्रशासन ने इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल संज्ञान लेकर दोषियों को सस्पेंड और दंडित नहीं किया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। ज्ञापन सौंपने के दौरान बांदा बार संघ के दर्जनों पदाधिकारी और सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता काले कोट में एकजुट नजर आए, जिन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
मंडल ब्यूरो चीफ ताहिर अली बांदा से