पिछोर राघवेंद्र सिंह की रिपोर्ट
अर्पित वर्मा ने हाल ही में हुई बस दुर्घटना के बाद जिले में संचालित यात्री एवं स्लीपर बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। मंगलवार को आयोजित बस संचालकों की बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी बसों में इमरजेंसी खिड़की, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स और अन्य सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से मौजूद होने चाहिए। नियमों का पालन नहीं करने पर बस जप्ती सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में #यांगचेन डोलकर भूटिया ने भी बस संचालकों को सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने कहा कि अग्निशमन यंत्र पूरी तरह कार्यशील हों और उनकी वैधता की नियमित जांच कराई जाए। इमरजेंसी एग्जिट द्वार अवरोध रहित रखा जाए तथा विद्युत वायरिंग, बैटरी और ईंधन प्रणाली की समय-समय पर जांच कराई जाए ताकि आग लगने जैसी घटनाओं से बचा जा सके।
प्रशासन ने चालक और परिचालकों को आपातकालीन स्थिति में यात्रियों की सुरक्षित निकासी एवं अग्निशमन यंत्र के उपयोग का प्रशिक्षण देने के भी निर्देश दिए हैं। बसों में धूम्रपान और #ज्वलनशील पदार्थ ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही फिटनेस, बीमा, परमिट, प्रदूषण प्रमाण पत्र, आरसी और ड्राइविंग लाइसेंस सहित सभी दस्तावेज अद्यतन रखना अनिवार्य होगा।
स्लीपर बसों के लिए विशेष निर्देश
स्लीपर बसों में ड्राइवर पार्टीशन डोर हटाने, सभी बर्थ में लगे स्लाइडर निकालने और फायर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम लगाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी बसों में कम से कम 10 किलो क्षमता वाले अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा चेसिस में अनधिकृत एक्सटेंशन लगाने पर भी रोक लगाई गई है।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधित बस संचालकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।