रिपोर्ट अजय सिंह तोमर
पोरसा
नगर के इतिहास में पहली बार इतनी विशाल और भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई, जिसने पूरे शहर को भक्तिमय माहौल में रंग दिया। बैंड-बाजों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु झूमते और भक्ति गीतों पर थिरकते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं एवं सामाजिक संगठनों द्वारा भव्य स्वागत किया गया।
शोभायात्रा की शुरुआत श्री नागाजी मंदिर परिसर से हुई, जो सदर बाजार, सब्जी मंडी रोड, अटेर रोड, भिंड रोड और अंबा रोड होते हुए कथा स्थल तक पहुंची। यात्रा में सबसे आगे श्री नागाजी महाराज का डोला चल रहा था। उसके पीछे अंतरराष्ट्रीय कथावाचक कृष्णा चंद्र ठाकुर जी महाराज की सुसज्जित बग्घी आकर्षण का केंद्र बनी रही।
यात्रा में दंदरौआ सरकार के महामंडलेश्वर महंत रामदास महाराज, नागाजी सरकार के महामंडलेश्वर महंत रामलखन दास महाराज, महामंडलेश्वर महंत नारायण दास महाराज, महंत रामकिशोर दास शास्त्री, महंत भरत दास महाराज सहित अनेक संत, महंत एवं महामंडलेश्वर शामिल हुए।
इस भव्य शोभायात्रा में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती कुशमा देवी तोमर भी सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं। उनके साथ बड़ी संख्या में महिलाएं एवं पुरुष श्रद्धालु भक्तिभाव से यात्रा में शामिल रहे। अनुमानित रूप से एक हजार से अधिक महिलाएं तथा इतने ही पुरुष श्रद्धालुओं ने यात्रा में भाग लिया।
शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण नागा साधुओं के अद्भुत करतब रहे। नागा साधु नारायण दास, नागा महेश दास, नागा घनश्याम दास, नागा रामकिशोर दास एवं नागा धर्मदास सहित अन्य नागा साधुओं ने हैरतअंगेज प्रदर्शन किए। साधुओं ने सिर एवं दोनों हाथों पर नारियल फोड़कर अपने अनोखे करतब दिखाए, जिन्हें देखने के लिए जगह-जगह लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
पूरे मार्ग में हर दो-चार कदम पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। नगर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया और जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा। यह ऐतिहासिक कलश यात्रा पोरसा नगर के धार्मिक इतिहास में लंबे समय तक याद रखी जाएगी।