शहजाद आलम जिला संवाददाता
सिद्धार्थनगर।
सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज थाना क्षेत्र अंतर्गत बुढ़िया टायर गांव में मानवता की मिसाल देखने को मिली है, जहां एक मूक और बधिर अज्ञात व्यक्ति पिछले पांच दिनों से ग्रामीणों के संरक्षण में रह रहा है। युवक अपना नाम और पता बताने में पूरी तरह असमर्थ है, जिसके कारण उसके परिजनों तक पहुंच पाना चुनौती बना हुआ है। स्थानीय लोग अब उसकी पहचान कराने और परिवार से मिलाने के प्रयास में जुटे हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, बुढ़िया टायर गांव निवासी गोरखनाथ उर्फ त्यागी पाण्डेय, जो वर्तमान में अंदुआ शनिचरा गांव में रहते हैं, ने इस युवक को अपने पास सुरक्षित रखा हुआ है। बताया जा रहा है कि व्यक्ति कुछ दिन पहले गांव के आसपास भटकता हुआ दिखाई दिया था। उसकी स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने उसे सहारा दिया और भोजन सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं।
ग्रामीणों के मुताबिक उक्त व्यक्ति बोल और सुन नहीं सकता, जिसके कारण वह अपनी पहचान बताने में असमर्थ है। हालांकि उसके हाव-भाव से यह प्रतीत होता है कि वह किसी परेशानी में अपने घर से बिछड़ गया है। युवक की उम्र लगभग 50 से 55 वर्ष के बीच बताई जा रही है। गांव में रह रहे लोग लगातार उसके परिजनों की तलाश में आसपास के क्षेत्रों में सूचना पहुंचा रहे हैं।
इस मामले की जानकारी स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस को भी दी गई है, ताकि व्यक्ति के परिवार का पता लगाया जा सके। सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को युवक के बारे में कोई जानकारी हो या वह उसे पहचानता हो तो तत्काल सूचना दें।
थाना प्रभारी डुमरियागंज श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि पुलिस को मामले की सूचना मिल गई है और व्यक्ति की पहचान कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आसपास के थानों सहित अन्य माध्यमों से भी जानकारी साझा की जा रही है, ताकि व्यक्ति के परिजनों तक जल्द से जल्द सूचना पहुंच सके। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति को पहचानता है या उसके बारे में कोई जानकारी रखता है तो तत्काल पुलिस को सूचित करे।
गांव के लोगों का कहना है कि किसी भी बिछड़े व्यक्ति को उसके परिवार से मिलाना सबसे बड़ा मानवीय कार्य है। लोगों ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भी युवक की जानकारी साझा करनी शुरू कर दी है, जिससे उसके परिजनों तक सूचना पहुंच सके और युवक सुरक्षित अपने घर वापस लौट सके।