बरेली के आंवला में मंगलवार को दोपहर 1:00 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एसडीएम विदुषी सिंह ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान हड़कंप मच गया। सीएचसी पर तैनात प्रभारी चिकित्साधिकारी समेत और अन्य कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। जिस पर एसडीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्रवाई के आदेश दिए है।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने टीवी के मरीजों की दवा का कक्ष, प्रभारी अधीक्षक का कार्यालय कक्ष, उपस्थिति पंजिका, शौचालय, दवा वितरण कक्ष, आयुष्मान बनाने का कक्ष आदि का गहनता से निरीक्षण किया।
एसडीएम ने दवा लेने पहुंचे रोगियों से सीधे बात की। उन्होंने मिल रही मुफ्त दवा, अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली और उपस्थिति रजिस्टर के अनुसार प्रभारी चिकित्साधिकारी, स्वीपर, एएनएम और वार्ड ब्वॉय अनुपस्थित मिले। जबकि रजिस्टर में कोई भी अवकाश नहीं चढ़ा था। सभी की उपस्थिति दर्ज थी। जिस पर एसडीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए है। महिला आयुष्मान कार्ड पर भी कुछ शिकायतों के आधार पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सही कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया है। दवाओं का स्टॉक पूछने पर फार्मासिस्ट ने बताया की दवा पूर्ण रूप से उपलब्ध है। परंतु निरीक्षण के दौरान हीट वेव में कोई भी कोल्ड रूम नहीं बनाया गया है। पानी की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया जिसमें पानी की व्यवस्था ठीक थी। उसके बाद शौचालयों में अधिक गंदगी मिला और बुरी तरह बदबू आ रही थी। साफ सफाई संतोष जनक न मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। दवा वितरण करते हुए पाई गई। परंतु हीट वेव के अनुसार दवा के साथ ओआरएस या ग्लूकोज वितरित होता नहीं मिला।
इसके अलावा इंचार्ज फायर स्टेशन आंवला से जांच कराकर नियमानुसार रिफलिंग कराने के निर्देश दिए हैं। 50शैय्यायुक्त एमसीएच विंग अस्पताल में भी साफ सफाई को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुए आवश्यक निर्देश दिए हैं। निरीक्षण में एक्सरे रूम भी बंद पाया गया।
आंवला का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरकार की स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को पलीता लगाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है। उक्त सभी समस्याओं के अलावा भी अन्य बहुत सी समस्याओं से नगरवासी जूझ रहे हैं। निशुल्क दवा वितरण, निशुल्क प्रसव, निशुल्क टीकाकरण समेत अन्य सभी योजनाएं केवल कागजों में ही सीमित है। परंतु आंवला सीएचसी पर सब कुछ उल्टा है। गरीब, असहाय व्यक्ति आवाज उठाता है या फिर शिकायत करता है तो सीएचसी का स्टाफ उस पर झूठा मुकदमा दर्ज कराकर जेल भिजवा देते है। ऐसा ही एक मामला पूर्व में भी प्रकाश में आ चुका है। सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। सरकार को बदनाम करने में कोई कसर बाकी नहीं है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम के साथ अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।
प्रवीन कुमार सक्सेना तहसील रिपोर्टर आंवला बरेली उत्तर प्रदेश