केशव साहू जिला ब्यूरो
डोंगरगढ़/राजनांदगांव।
डोंगरगढ़ क्षेत्र में कथित अवैध खनन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में रात-दिन खनिज संसाधनों का अवैध उत्खनन और परिवहन जारी है, लेकिन इसके बावजूद अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। इस स्थिति को लेकर ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जानकारों का कहना है कि राजनांदगांव जिले में कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा समय-समय पर अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई की जाती रही है। कई मामलों में वाहनों की जब्ती, जुर्माना और प्रकरण दर्ज करने जैसी कार्रवाई भी सामने आई है। इसके बावजूद डोंगरगढ़ क्षेत्र में कथित अवैध गतिविधियों की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि क्षेत्र में वास्तव में अवैध उत्खनन हो रहा है तो संबंधित विभागों और राजस्व अमले को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि खदानों से निकलने वाले भारी वाहनों की आवाजाही आम लोगों की नजर में रहती है, ऐसे में निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्षेत्र में चर्चा का विषय यह भी है कि आखिर लगातार शिकायतों के बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई दे रही। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी अधिकारी के खिलाफ किसी प्रकार की जिम्मेदारी तय हुई है। प्रशासनिक जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं।
अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन, राजस्व विभाग और खनिज विभाग पर टिकी हैं। यदि शिकायतों में तथ्य पाए जाते हैं तो अवैध खनन में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा सकती है। वहीं यदि शिकायतें निराधार साबित होती हैं तो स्थिति भी स्पष्ट हो जाएगी।
जनता का सवाल
क्या डोंगरगढ़ क्षेत्र में कथित अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई होगी? क्या संबंधित विभाग संयुक्त जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाएंगे? इन सवालों के जवाब का इंतजार क्षेत्र की जनता कर रही है।