गरियाबंद/फिंगेश्वर
छुरा विकासखंड के ग्राम फुलझर में ग्राम मुखिया डिहू राम साहू व उनके पुत्र पर जानलेवा हमले के 45 दिन बीत जाने के बाद भी फिंगेश्वर पुलिस द्वारा FIR दर्ज न करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने थाना प्रभारी *देशमुख* और *SI नीलू राम दीवान* पर 20 आरोपियों से मिलीभगत कर साक्ष्य छिपाने और पीड़ित को ही फर्जी ST एक्ट में फंसाने का गंभीर आरोप लगाया है।
महावीर भवन में बुलाकर पीटा, सिर पर गंभीर चोटें
घटना 10 अप्रैल 2026 की है। ग्राम कोटवार द्वारा शाम 5 बजे बैठक की मुनादी कराई गई। मुखिया डिहू राम साहू शाम 6:30 बजे महावीर भवन पहुंचे। रात 8 बजे *संतु ध्रुव* के नेतृत्व में लगभग 30 लोगों का जत्था पहुंचा।
पीड़ित का आरोप है कि 40 साल से काबिज जमीन छोड़ने को लेकर विवाद शुरू हुआ। इसी दौरान भीड़ ने डिहू राम के छोटे बेटे परमेश्वर साहू पर लात-घूंसे, डंडे व हाथ के कड़े से हमला कर दिया। बचाव में आए डिहू राम को भी बुरी तरह पीटा गया। *दोनों के सिर पर गंभीर चोटें आईं।* आरोप है कि 8-10 लोगों ने डिहू राम को रास्ते से उठाकर वापस महावीर भवन ले जाकर पिटाई की और जबरन इस्तीफा मांगा।
ये हैं नामजद आरोपी
पीड़ित परिवार की शिकायत के अनुसार हमले में शामिल मुख्य आरोपी हैं: *संतु ध्रुव, खेमन ध्रुव, मानिक यादव, ललेशरू ध्रुव, ढालचंद ध्रुव, कंचन गोस्वामी, भूषण तारक, नरोत्तम ध्रुव, कृपाल गोस्वामी, भूषण सेन, हनुमत ध्रुव, राकेश गोस्वामी, ईश्वर ध्रुव, रूपसिंह ध्रुव, धर्मेन्द्र दिवान, चेतन ध्रुव, घनश्याम सेन, मनोज ध्रुव, टीकेश्वर ध्रुव, सुनील ध्रुव* सहित अन्य। जिसे ग्राम सचिव रूपेश ध्रुव, उपाध्यक्ष ईश्वर यादव,ग्राम कोटवार कैलाश गन्धर्व, महेश तारक तथा अन्य ग्रामीणों आदि ने देखा सुना मगर किसी ने विरोध नहीं किया। ज्ञात हो कि रूपेश, महेश, ईश्वर और पुराणिक ध्रुव को भी मारने की प्लानिंग हो चुकी थी।
45 दिन बाद भी FIR नहीं, पुलिस पर साक्ष्य छिपाने का आरोप
पीड़ित परिवार ने उसी दिन थाना फिंगेश्वर में लिखित शिकायत दी, SP गरियाबंद को भी आवेदन भेजा। *लेकिन 45 दिन बीतने के बाद भी जानलेवा हमले की FIR दर्ज नहीं हुई।
पीड़ित पक्ष का सीधा आरोप है कि जांच अधिकारी SI नीलू राम दीवान और TI देशमुख साक्ष्य छिपाकर आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। अपराधी सरेआम गांव में घूम रहे हैं, जिससे पीड़ित परिवार सदमे में है।
पुलिस वाले प्रार्थी डिहू राम साहू को गुमराह करके रखे हुए हैं और अभी तक किसी भी आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है।
सबसे चौंकाने वाली बात: पीड़ित का आरोप है कि si नीलू राम द्वारा घटना के दिन FIR नहीं किया गया दूसरे दिन 10 बजे बुलाया फिर पीड़ित के दूसरे दिन भी जाने पर गोल गोल घुमाया जबकि लहूलुहान पहुंचे पीड़ित का त्वरित FIR लिखना था। वह मामले को शून्य करने का प्रयास किया जिसकी निष्पक्ष जांच के लिए आवेदन जिलाधीश को भी दे चुके है।आरोपियों ने बदले की भावना से डिहू राम को फर्जी ST एक्ट में फंसा दिया। पीड़ित का कहना है कि पुलिस का रवैया देखकर लगता है कि वे भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं।
सामाजिक संगठनों में आक्रोश, “हाफ मर्डर का केस”
जिला साहू संघ अध्यक्ष प्रवीण कुमार साहू, वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता डॉ रामकुमार साहू , रामू साहू, सामाजिक कार्यकर्ता भुनेश्वर साहू, महेंद्र साहू व छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग के जिला अध्यक्ष महेंद्र गंधर्व* ने घटना की कड़ी निंदा की है।
महेंद्र गंधर्व ने कहा, _”यह सीधा-सीधा हाफ मर्डर का केस है। लोगों पर तुरंत FIR होनी चाहिए। पुलिस अपराधियों को बचाकर नई घटना को बढ़ावा दे रही है।”_
8 साल पुरानी रंजिश, ST एक्ट का दुरुपयोग
पीड़ित परिवार का कहना है कि 8 साल पहले भी उन पर फर्जी केस किया गया था। बार-बार फर्जी शिकायत से गरीब वर्गीय डिहू राम साहू परेशान हैं। मुख्य आरोपी संतु ध्रुव पर गांव में गुटबाजी, अवैध शराब बिक्री को बढ़ावा देने व आदिवासी एक्ट का दुरुपयोग करने के आरोप हैं।
मामले का ऑडियो व निर्दोष होने का वीडियो आया सामने
घटना के एक दिन पूर्व संतु ध्रुव, कुशल ध्रुव, दिनेश ध्रुव, चेतन ध्रुव,हनुमत ध्रुव आदि के नेतृत्व में धरसा पारा में व्यापक मीटिंग रखा गया था जिसमें पूरे परिवार को st/sc प्रकरण और छेड़छाड़ प्रकरण में फंसाने व्यापक तैयारी की गई थी। संतु व इनके सहयोगी के ताना शाही रवैए के चलते किसी ने इसका विरोध नहीं किया। वह स्पीकर में इधर उधर नेताओं से बात करते सबको आश्वस्त करते रहे और सबको भड़काते रहे।बात सिर्फ डीह राम साहू के सार्वजनिक मंदिर निर्माण को लेकर था। संतु व उनके चमचों ने नौजवानों को स्पष्ट रूप से कह दिया था कि मीटिंग का निर्णय कुछ भी हो डीह राम व उनके परिवार तथा बीच बचाव जो भी आए उन्हें मीटिंग के आखिरी में मारना है फिर शराब पी लेना। लेकिन मीटिंग लंबा नहीं चल पाया और जोश से भरे असामाजिक लोगों ने 15 मिनिट बाद ही मारपीट शुरू कर दिया जिनका ऑडियो वीडियो साक्ष्य के रूप में उपलब्ध है। डीह राम सभी जाति समुदाय को प्राथमिकता देते है जिसके कार्यकाल में जनमानस की कार्यक्रमों में अपार भीड़ लग रहा था। यही आरोपियों को रास नहीं आ रहा। मानिक यादव तो लोगों को उनके घर आना जाना, लेन देन बात करने के लिए मना कर रहे है जिनकी सूचना पीड़ित परिवार ने sp साहब को दे दिया है।
पीड़ित के बड़े पुत्र *योगेश्वर साहू* ने SP को आवेदन देकर कहा, हमारे खिलाफ फर्जी शिकायत दर्ज कराई गई है। घटना के दिन मैं मौके पर उपस्थित नहीं था। दुर्भाववश संख्याबल का दुरुपयोग कर मुझ पर फर्जी st sc कार्रवाई करवाई गई है।और जांच अधिकारी ने बिना किसी जांच के यह कार्रवाई की है। जिसके निष्पक्ष जांच के लिए sp गरियाबंद और पुलिस महानिदेशक रायपुर को आवेदन लिख चुका हूं। महामहिम राज्यपाल को भी इस संदर्भ में आवेदन प्रेषित करूंगा”
परिवार की मांग: सुरक्षा दो,वरना जाएंगे आयोग
पीड़ित परिवार ने जान-माल की सुरक्षा की मांग की है। लगातार फर्जी शिकायतों से इनका पूरा परिवार टूट चुका है। इनके बच्चों के स्वास्थ्य व शिक्षा पर बुरा असर पड़ रहा है।कार्रवाई न होने पर मानवाधिकार आयोग व पिछड़ा वर्ग आयोग से गुहार लगाने व धरने पर बैठने की भी चेतावनी दी है।
क्या कहते है विशेषज्ञ
प्राप्त MLC रिपोर्ट स्वास्थ्य केंद्र फिंगेश्वर, महासमुंद का विशेषज्ञों से चर्चा करने पर गुटबाजी, हत्या का प्रयास और चोंट के आधार पर BNS 23 के तहत धारा 120, 307, 324, 325 कठोर करवाई के प्रावधान है। झूठे प्रकरण में फंसाने के अलग से धाराएं आरोपित होंगे।
इस संबंध में थाना प्रभारी देशमुख फिंगेश्वर से संपर्क करने पर बताया कि अभी जज साहब छुट्टी में है उनके आते ही सभी आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।