राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी।
जिले में कन्या भ्रूण हत्या और अवैध भ्रूण लिंग जांच जैसी सामाजिक बुराइयों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) एक्ट 1994 और नियम 1996 के तहत अब अवैध लिंग जांच की सूचना देने वाले मुखबिरों को शासन की “पुनरीक्षित मुखबिर पुरस्कार योजना-2021” के अंतर्गत 2 लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा।
कलेक्टर आशीष तिवारी ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि बेटियों के सम्मान, सुरक्षित भविष्य और समाज में लैंगिक समानता बनाए रखने के लिए आमजन आगे आएं और अवैध भ्रूण लिंग जांच तथा लिंग चयन जैसी गैरकानूनी गतिविधियों की जानकारी प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
प्रशासन के अनुसार यदि मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जाता है, तो प्रथम किश्त के रूप में 1 लाख 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं न्यायालय में अपराध सिद्ध होने पर दूसरी किश्त के रूप में 75 हजार रुपये अतिरिक्त प्रदान किए जाएंगे।
पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शासन द्वारा स्टिंग ऑपरेशन को महत्वपूर्ण माध्यम माना गया है। अवैध भ्रूण लिंग जांच में संलिप्त व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ साक्ष्य जुटाने के लिए डिकॉय महिला एवं मुखबिरों की सहायता से गोपनीय कार्रवाई की जाती है।
सफल स्टिंग ऑपरेशन की स्थिति में प्रथम चरण में मुखबिर को 50 हजार रुपये, डिकॉय महिला को 20 हजार रुपये, सहयोगी को 10 हजार रुपये, जिला नोडल अधिकारी अथवा अधिकृत अधिकारी को 15 हजार रुपये तथा अभियोजन अधिकारी को 30 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। वहीं अपराध सिद्ध होने पर दूसरी किश्त में मुखबिर को 30 हजार रुपये, डिकॉय महिला को 10 हजार रुपये, सहयोगी को 5 हजार रुपये, जिला नोडल अधिकारी को 10 हजार रुपये और अभियोजन अधिकारी को 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि भ्रूण लिंग जांच एवं लिंग चयन जैसी अवैध गतिविधियों की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाकर बेटियों के सुरक्षित भविष्य और समाज में समानता स्थापित करने के अभियान को मजबूत बनाएं।