गाजीपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही। कथा वाचक पंडित आचार्य पुनीत दुबे जी ने अपने मुखारविंद से कथा का रसपान कराते हुए जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला।
अपने प्रवचन में आचार्य जी ने कहा कि इस संसार में जो भी जन्म लेता है, उसका एक दिन जाना निश्चित है। उन्होंने बताया कि मृत्यु जीवन का अटल सत्य है, इसलिए मनुष्य को सदैव अच्छे कर्म करने चाहिए। उन्होंने कहा कि आत्मा अमर है, उसका कभी नाश नहीं होता, जबकि शरीर नश्वर है और एक समय के बाद उसका त्याग हो जाता है।
कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान की महिमा का श्रवण किया तथा धर्म और आध्यात्म के प्रति जागरूक होने का संदेश प्राप्त किया। आयोजन का वातावरण भक्तिमय बना रहा और श्रद्धालुओं ने कथा का भरपूर आनंद लिया।
रिपोर्ट: अखिलेश दुबे
देवरिया ब्यूरो चीफ