वाराणसी से प्रवीण मिश्रा की रिपोर्ट।
इंडियन टीवी न्यूज नैशनल
वाराणसी
संत कबीर दास के नाम पर बसी और तबला-गायकी के लिए विश्वप्रसिद्ध कबीर चौरा गली में इन दिनों अवैध ट्रांसपोर्ट व्यवसाय के कारण रोज जाम और विवाद की स्थिति बन रही है। चेतगंज थाना क्षेत्र के मकान नं. C-25/6 से संचालित ,राज रोड लाइन्स,पर 34 वर्षों से वकालत कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता तारकेश्वरी प्रसाद श्रीवास्तव ने पुलिस कमिश्नर, RTO, GST व नगर निगम को कानूनी नोटिस भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। सड़क-गैराज पर कब्जा*नोटिस के अनुसार राज रोड लाइन्स के मालिक पिछले कई दिनों से बिना किसी वैध अनुमति के परिवहन व्यवसाय चला रहे हैं।
संचालक नियमित रूप से सड़क और फुटपाथ पर बड़े बक्से-क्रेट रख देते हैं। ट्रक और मालवाहक वाहन घंटों सड़क पर खड़े रहते हैं। इससे न सिर्फ यातायात बाधित हो रहा है बल्कि पैदल राहगीरों को भी दिक्कत हो रही है। वरिष्ठ अधिवक्ता का कार गैराज भी इसी गली में है। 03-06-2026 को जब वे अपनी कार गैराज से बाहर निकाल रहे थे तो ट्रांसपोर्टर ने गाड़ी के ठीक सामने सामान रखकर रास्ता जाम कर दिया। विरोध करने पर ट्रांसपोर्टर और कर्मचारियों ने गाली-गलौज की और शारीरिक हमले की धमकी देकर वाहन बाहर निकालने से रोक दिया।
एम्बुलेंस रूट पर खतरा,शिकायतकर्ता ने नोटिस में बताया कि यह गली ,श्री शिव प्रसाद गुप्ता सरकारी अस्पताल,,जाने वाली एम्बुलेंस का मुख्य मार्ग है। सड़क पर अवैध कब्जे के कारण आपातकालीन सेवाओं में देरी हो रही है, जो मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। गली थोड़ी दूरी पर ,भैरव नाथ मंदिर, है जहाँ माननीय मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री नियमित दर्शन को आते हैं। सरकार द्वारा
कला-सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए यहाँ ‘कला सांस्कृतिक द्वार’ भी बनवाया गया है।
बिना लाइसेंस चल रहा पूरा कारोबार
नोटिस में आरोप है कि राज रोड लाइन्स के पास मोटर वाहन अधिनियम 1988, केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989, UP मोटर वाहन नियम, GST रजिस्ट्रेशन, व्यापार लाइसेंस, वाणिज्यिक परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा और PUC जैसी कोई कानूनी अनुमति नहीं है। इसके बावजूद स्थानीय यातायात निरीक्षकों, पुलिस और GST अधिकारियों की मिलीभगत से धंधा बेरोकटोक चल रहा है।
2 दिन का अल्टीमेटम, वरना PIL
वरिष्ठ अधिवक्ता ने पुलिस कमिश्नर, DCP चेतगंज, यातायात निरीक्षक, ARTO, GST अधिकारी और नगर आयुक्त को नोटिस जारी कर 2 दिन के भीतर अवैध धंधा बंद कराने, सड़क खाली कराने, ट्रांसपोर्टर के मालिक व जिम्मेदार व्यक्तियों पर FIR दर्ज करने और सरकारी राजस्व की भरपाई कराने की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि कार्रवाई न होने पर माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की जाएगी। मुख्यमंत्री से भी भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। सबूत में सड़क कब्जे की तस्वीरें संलग्न की गई हैं।