जोधपुर जिले के लूणी विधानसभा क्षेत्र के धुंधाड़ा गांव में भीषण पेयजल संकट ने तूल पकड़ लिया है कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल का यही पैतृक गांव है, जहां ग्रामीणों ने पानी की किल्लत पर अपनी समस्या रखी तो जवाब मिला—FIR। यह घटना सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है और राजस्थान की राजनीति में गरमागरम बहस छेड़ दी है
घटना क्या हुई?
27 मई 2026 को धुंधाड़ा गांव के ग्रामीणों, खासकर महिलाओं ने सड़क पर उतरकर पानी की मांग की
वे मंत्री जोगाराम पटेल के सामने अपनी समस्या रख रहे थे—पीने का पानी नहीं मिल रहा, टैंकर सप्लाई अनियमित है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन इसके बाद पेयजल विभाग (PHED) ने लूणी थाने में राजकार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज करा दिया। FIR में धाराएं IPC 341 (रास्ता रोकना) और 188 (सरकारी आदेश की अवज्ञा) आदि शामिल बताई जा रही हैं
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने सिर्फ बुनियादी जरूरत—पानी—की मांग की थी
कोई तोड़फोड़, मारपीट या संपत्ति क्षति नहीं हुई
फिर भी प्रशासन ने दबाव में कार्रवाई की
स्थानीय स्तर पर टैंकर सप्लाई बढ़ाने और नहरों से पानी पहुंचाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति बदतर बताई जा रही है
45 डिग्री से ऊपर का तापमान और सूखे की मार झेल रहे पश्चिमी राजस्थान में यह समस्या सालाना है, लेकिन मंत्री के अपने गांव में होने से यह प्रतीकात्मक बन गई
कांग्रेस का हमला, जोधपुर के लूणी क्षेत्र में पानी की मांग पर FIR: मंत्री के गांव में ही जनता की प्यास बन गई सियासी तूफान
x.com