बरेली आंवला
यूपी के बरेली जिले में एक बार फिर प्यार के लिए मजहब की दीवारें टूटने का मामला सामने आया है। शीशगढ़ थाना क्षेत्र के जाफरपुर गांव की रहने वाली 22 वर्षीय मैजवीन ने अपने चार साल पुराने प्रेम प्रसंग को मुकाम देने के लिए सनातन धर्म अपना लिया है। वैदिक रीति-रिवाज से शुद्धीकरण के बाद उसने अपना नया नाम ‘लक्ष्मी’ रखा है और पड़ोसी गांव बल्ली के रहने वाले अपने प्रेमी विशाल (24) के साथ सात फेरे लेकर शादी के बंधन में बंध गई है।
स्कूल के दिनों से शुरू हुई थी प्रेम कहानी
मिली जानकारी के अनुसार, विशाल और मैजवीन बचपन में आठवीं कक्षा तक एक ही स्कूल में साथ पढ़ते थे। स्कूल के दिनों की यह दोस्ती वक्त के साथ गहरी होती गई। हालांकि बाद में दोनों के स्कूल अलग-अलग हो गए, लेकिन उनके बीच मिलना-जुलना और बातचीत का सिलसिला जारी रहा। इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद दोनों ने हमेशा के लिए एक-दूसरे का होने का फैसला कर लिया। करीब चार साल तक चले इस गुप्त प्रेम प्रसंग के दौरान दोनों फोन पर बात करते थे और चोरी-छिपे मुलाकातें किया करते थे।
परिजनों के विरोध के बाद घर से भागकर लिया फैसला
अलग-अलग धर्मों से ताल्लुक रखने के कारण दोनों के ही परिवार इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। विशाल के मुताबिक, कुछ समय बाद उसके घरवाले तो शादी के लिए राजी हो गए, लेकिन मैजवीन के परिजन इस रिश्ते को स्वीकार करने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे। मैजवीन के परिजनों का कहना था कि ऐसा करने पर वे समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे और समाज उनका बहिष्कार कर देगा। परिजनों के बढ़ते विरोध को देखकर दोनों ने घर से भागकर शादी करने का साहसिक कदम उठाया।
अगस्त्य मुनि आश्रम में गंगाजल से हुआ शुद्धीकरण
मैजवीन ने बताया कि घर से निकलने के बाद उसने विशाल से फोन पर संपर्क किया और दोनों बस के जरिए बरेली पहुंचे। सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें पंडित केके शंखधार के बारे में जानकारी मिली, जो सनातन धर्म में घर वापसी कराते हैं।
प्रेमी जोड़ा अगस्त्य मुनि आश्रम पहुंचा, जहां मैजवीन ने स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन के लिए जिलाधिकारी (DM) के समक्ष आवेदन की बात कही। आश्रम के पुरोहित पंडित केके शंखधार ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार गाय के मूत्र और गंगाजल से युवती का पूर्ण विधि-विधान से शुद्धीकरण कराया गया।
सात वचनों के साथ संपन्न हुआ विवाह
शुद्धीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद मैजवीन (अब लक्ष्मी) और विशाल का विवाह वैदिक रीति-रिवाज से संपन्न कराया गया। विशाल ने लक्ष्मी की मांग में सिंदूर भरा, वरमाला पहनाई और मंगलसूत्र पहनाकर सात फेरे लिए। नवविवाहित जोड़े ने अग्नि को साक्षी मानकर जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाने के सात वचन लिए。 लक्ष्मी ने भावुक होते हुए कहा कि विशाल ने ही उसे सबसे पहले प्रपोज किया था और वह अपना तन-मन-धन सब कुछ उसे समर्पित कर चुकी है।
प्रवीन कुमार सक्सेना रिपोर्टर आंवला तहसील जिला बरेली