किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं पर सवाल खड़े करने वाली एक घटना सामने आई है। यहां एक शिक्षक के निधन के बाद परिजनों को शव वाहन उपलब्ध नहीं हो सका, जिसके कारण उन्हें शव को पिकअप वाहन में ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, शिक्षक की मृत्यु के बाद परिजनों ने शव को घर ले जाने के लिए शव वाहन की व्यवस्था करने का प्रयास किया, लेकिन समय पर वाहन उपलब्ध नहीं हो पाया। काफी इंतजार और प्रयास के बाद भी व्यवस्था नहीं होने पर परिजनों ने पिकअप वाहन का सहारा लिया।
घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में अब भी मूलभूत स्वास्थ्य एवं आपातकालीन सुविधाओं की कमी बनी हुई है, जिससे आम नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ती है।
मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने घटना की जानकारी ली है। संबंधित विभाग से यह भी पूछा जा रहा है कि शव वाहन उपलब्ध क्यों नहीं हो पाया और व्यवस्था में कहां कमी रही।
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और शव परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता को उजागर करती है।