मयूरभंज जिले के बारीपदा से मानवता की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। एक कैंसर मरीज की जान बचाने के लिए बारीपदा के समाजसेवी और नियमित रक्तदाता डॉ. निरोज कुमार पोथाल ने एक बार फिर आगे आकर प्लेटलेट्स दान किए हैं। 136 बार रक्तदान और 25 बार प्लेटलेट्स दान कर चुके डॉ. पोथाल का यह योगदान आज पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गया है।
मानव सेवा को अपना जीवन लक्ष्य बना चुके बारीपदा के प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ. निरोज कुमार पोथाल ने कटक स्थित एस.सी.बी. मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती एक कैंसर मरीज के लिए प्लेटलेट्स दान कर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है। एस.सी.बी. मेडिकल के ब्लड बैंक में डॉ. जगन्नाथ साहू की निगरानी में यह प्लेटलेट्स संग्रह किया गया।
यह पहली बार नहीं है जब डॉ. पोथाल किसी जरूरतमंद की मदद के लिए आगे आए हों। इससे पहले भी वे कई बार अपने खर्च पर बारीपदा से कटक और भुवनेश्वर पहुंचकर गंभीर मरीजों की जान बचाने में सहयोग कर चुके हैं। डेंगू, कैंसर और बोन मैरो से जुड़ी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए वे कई बार प्लेटलेट्स दान कर चुके हैं।
डॉ. निरोज कुमार पोथाल अब तक 136 बार स्वैच्छिक रक्तदान और 25 बार प्लेटलेट्स दान कर एक दुर्लभ रिकॉर्ड बना चुके हैं। उनके इस निस्वार्थ सेवा भाव के लिए उन्हें ओडिशा ही नहीं बल्कि देश के विभिन्न राज्यों में कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मानों से भी सम्मानित किया जा चुका है।
रक्तदान तक ही उनकी सेवा सीमित नहीं है। डॉ. पोथाल देशभर में रक्तदान जागरूकता अभियान भी चला रहे हैं। विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, सेमिनारों और जागरूकता शिविरों में भाग लेकर वे युवाओं और आम लोगों को रक्तदान के महत्व और इसके स्वास्थ्य लाभों के बारे में जागरूक कर रहे हैं।
उनकी प्रेरणा से आज सैकड़ों युवा नियमित रूप से रक्तदान के लिए आगे आ रहे हैं। समाज के प्रति उनका समर्पण और सेवा भावना युवा पीढ़ी के लिए एक आदर्श बन चुकी है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों ने उनके इस कार्य की सराहना करते हुए इसे मानवता की सच्ची सेवा बताया है।
निस्वार्थ सेवा और मानवता के प्रति समर्पण का ऐसा उदाहरण आज के समय में बहुत कम देखने को मिलता है। डॉ. निरोज कुमार पोथाल का यह कार्य न केवल एक मरीज के लिए जीवनदान साबित हुआ है, बल्कि समाज को भी रक्तदान और मानव सेवा के लिए प्रेरित कर रहा है।
कैमरामैन के साथ हिमांशु शेखर प्रहराज, मयूरभंज