स्लग: नदी गर्भ में अवैध रास्ता काटने के दौरान प्रशासन का विरोध, खनन अधिकारी को ग्रामीणों ने रोका
बालेश्वर जिले में सुवर्णरेखा नदी से अवैध बालू उत्खनन पर रोक लगाने की प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान विरोध की स्थिति उत्पन्न हो गई। नदी गर्भ में बने एक अस्थायी रास्ते को काटने पहुंची प्रशासनिक टीम को ग्रामीणों के तीव्र विरोध का सामना करना पड़ा। कुछ समय के लिए खनन विभाग के अधिकारी और उनके सहयोगियों को ग्रामीणों ने रोक भी लिया। बाद में पुलिस हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हुई।
वीओ:
जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर प्रशासन की टीम सुवर्णरेखा नदी के गर्भ में स्थित दक्षिण प्रहराजपुर-सुनाकनिया के बीच बने कथित अवैध बालू बांध एवं अस्थायी मार्ग को हटाने पहुंची थी। यह रास्ता रायबनिया क्षेत्र के लोगों के आवागमन के लिए उपयोगी माना जाता है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि इसी मार्ग का उपयोग कर बालू, मिट्टी, मुरुम, लकड़ी, मवेशी तथा अन्य अवैध सामानों की तस्करी भी की जा रही थी।
कार्रवाई के दौरान तहसीलदार सत्यजीत महांति, सुपरवाइजर सुब्रत डे तथा राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। अधिकारियों के लौटने के बाद कनिष्ठ खनन अधिकारी तापस बेहरा और उनके सहयोगियों को ग्रामीणों ने रोक लिया और रास्ता काटने का विरोध किया।
घटना की सूचना मिलने पर रायबनिया थाना प्रभारी चंपावती सोरेन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने खनन अधिकारी को सुरक्षित बाहर निकाला और ग्रामीणों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया।
बताया जा रहा है कि बाद में ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन द्वारा काटे गए अस्थायी रास्ते की मरम्मत भी कर दी।
बालेश्वर से ज्योतिरंजन पट्टनायक की रिपोर्ट।