अकरम खान पटेल की रिपोर्ट
बैतूल। युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के मेरा युवा भारत बैतूल अभियान के तहत में शुक्रवार को विश्व ड्रग नशा मुक्ति दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर नशामुक्त समाज का निर्माण करना था। सभी सैकड़ों युवाओं ने सामूहिक रूप से नशा न करने तथा समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ ली। इस मौके पर रोशनी आर्य ने कहा कि पारंपरिक नशीले पदार्थों जैसे अफीम या हेरोइन के मुकाबले अब सिंथेटिक ड्रग्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है। ड्रग तस्कर अब नए युवाओं को फंसाने के लिए सोशल मीडिया और डार्क वेब जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो एक बड़ी चुनौती बन चुका है। अंकित गवाड़े ने कहा कि नशे की लत से जूझ रहे लोगों के साथ भेदभाव या नफरत करने के बजाय, उन्हें सहानुभूति, सही इलाज और काउंसलिंग देकर समाज की मुख्यधारा में वापस लाया जाए। धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को बर्बाद करता है, बल्कि परिवार और समाज को भी तोड़ देता है। जिससे शारीरिक, मानसिक तनाव और आर्थिक बर्बादी जैसी गंभीर समस्याएं पैदा होती हैं। अजय मिश्रा व तपेश साहू ने नशा छोड़ने के लिए मनोबल और परिवार के सहयोग को जरूरी बताया। कार्यक्रम में नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक व सामाजिक नुकसानों पर पोस्टर प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस अवसर पर संजना धुर्वे, सीता इंग्ले हेमन्त, तपेश साहू, अजय मिश्रा, धनंजय सिंह ठाकुर, अंकित वाले, रोशनी आर्य, राहुल, पाटकर सहित बड़ी संख्या में युवा मौजूद थे।