राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी मुड़वारा रेलवे स्टेशन पर करोड़ों रुपये की व्यावसायिक संभावनाओं वाले कंटेनर रेस्टोरेंट टेंडर को लेकर नया विवाद सामने आया है। सूचना के अधिकार यानी RTI के तहत मांगी गई जानकारी ने टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता और नियमों के पालन पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
RTI आवेदन में दावा किया गया है कि टेंडर दस्तावेजों में जिस स्थान को कंटेनर रेस्टोरेंट के लिए चिन्हित किया गया था, वास्तविक आवंटन के समय उस स्थान में बदलाव कर दिया गया। आरोप है कि चयनित लाइसेंसधारी को अधिक बड़ा और व्यावसायिक दृष्टि से अधिक लाभकारी स्थान उपलब्ध कराया गया। आवेदक ने इस बदलाव से संबंधित फाइल नोटिंग, सक्षम अधिकारी की स्वीकृति, निरीक्षण रिपोर्ट और पत्राचार की प्रमाणित प्रतियां मांगी हैं। साथ ही यह भी पूछा गया है कि क्या इस बदलाव की जानकारी अन्य बोलीदाताओं को दी गई थी या नहीं।
मामले का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू कंटेनर रेस्टोरेंट के नाम पर कथित दो मंजिला निर्माण से जुड़ा है। RTI में सवाल उठाया गया है कि यदि टेंडर केवल अस्थायी कंटेनर संरचना के लिए जारी किया गया था, तो दो मंजिला निर्माण की अनुमति किस नियम और किस अधिकारी की स्वीकृति से दी गई। इसके लिए तकनीकी स्वीकृति, लेआउट, प्रशासनिक आदेश और संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां भी मांगी गई हैं।
इसके अलावा RTI में पूरी टेंडर प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज, प्राप्त बोलियों की संख्या, चयनित फर्म की वित्तीय बोली, लाइसेंस शुल्क, तकनीकी पात्रता, PAN, GST, बैंक सॉल्वेंसी, कार्य अनुभव प्रमाणपत्र, टेंडर नोटिस, LOA, एग्रीमेंट कॉपी और साइट हैंडओवर रिपोर्ट की जानकारी भी मांगी गई है।
हालांकि, इस पूरे मामले में रेलवे प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट करना आवश्यक है कि फिलहाल ये सभी सवाल और आरोप RTI आवेदन में उठाए गए बिंदुओं पर आधारित हैं। इनकी पुष्टि रेलवे द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले आधिकारिक रिकॉर्ड और जवाब के बाद ही हो सकेगी। यदि दस्तावेज इन दावों की पुष्टि करते हैं, तो यह मामला रेलवे की टेंडर प्रक्रिया, पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े कर सकता है।