ब्यूरो चीफ
संतन दास मानिकपुरी
फिंगेश्वर स्वास्थ्य केंद्र की MLC रिपोर्ट में हो चुका है पुष्टि
मामला को 90 दिन होने को है और आज तक फिंगेश्वर पुलिस मामले को गंभीरता से न लेते लीपापोती की।10 अप्रैल को ग्राम फुलझर के मुखिया व परिवार पर हुई जानलेवा हमले पर नई खुलासा हो रही है जिसमें अपराधियों की संख्या बढ़ सकता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जानलेवा हमले के बाद जान बचाकर भाग रहे ग्राम के मुखिया डीहू राम साहू को मोहन लाल साहू के घर पास 10 से 12 लोगों ने धर दबोचा। रात्रि व झुण्ड का लाभ उठाकर ग्राम के गजेश दीवान पिता जय राम दिवान ने पत्थर से वार किया था। पूरे ग्राम में हो हल्ला की जोरदार आवाज हुई थी जिनसे ग्राम के बहुत से लोगों ने श्री साहू से मिलकर घटना की निंदा करते सांत्वना दी कि ईश्वर न्याय करेंगें। MLC रिपोर्ट स्वास्थ्य केंद्र फिंगेश्वर के अनुसार भोथरा हथियार से हमले की पुष्टि भी हो चुका है। सवाल यह भी उठता है कि षडयंत्र के तहत झुंड बनाकर हमले के बावजूद लहूलुहान व्यक्ति के ऊपर हमला करना और फिंगेश्वर पुलिस द्वारा भारतीय न्यायसंहिता की धारा 120b, 324, 325, 307 के तहत कार्रवाई नहीं करना पूरे सिस्टम पर भी सवाल खड़ा कर दिया है। जैसे जैसे दिन बीतते जा रहा है आरोपियों की संख्या बढ़ती जा रही है। अब क्या पुलिस इन पर ठोस कार्रवाई करेगी कि फिर लीपापोती करेगी ?
पूरे मामले को गंभीरता से विचार करने पर पूर्व में कोर्ट में हार का द्वेष, ग्राम में शराबबंदी, साल भर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम जिनसे श्री साहू के मान सम्मान में वृद्धि हुई , है। मुख्य आरोपी संतु ध्रुव, चेतन ध्रुव, हनुमत ध्रुव, मानिक यादव आदि कभी नहीं चाहते थे कि ग्राम में महायज्ञ हो और शायद यही धार्मिक अनुष्ठानों पर उक्त लोगों ने ग्राम के युवाओं को भड़काना शुरू किया।सभी हमलावर शराबी ही है। श्री साहू ने बताया कि यज्ञ के दौरान भंडारे में आए सिरकट्टी आश्रम के थालियों को दूसरे के बाड़ी में फेंक दिया था यह सब किसी व्यापक षडयंत्र का हिस्सा ही था।
संतु द्वारा करवाए गए विभिन्न परिवारों पर हमला
संतु ध्रुव के खिलाफ कई संगीन मामले है मगर हर बार वह पुलिस कार्रवाई से बच जाता था। भींड में लोगों को षडयंत्र कर मरवाना और चुप खिसक देना इनकी पुराना आदत है जिनसे लोग आपस में लड़ते रहे और चुप मजा लेते रहे और ऐसा ग्राम में शिक्षा की कमी के कारण ही है। श्री साहू बताते है प्रथम बार गोपाल साहू , दुखु राम सेन , गोस्वामी परिवार को और अब साहू परिवार को दूसरी बार। अब इनके पाप का घड़ा भरने वाला है। 10 साल पूर्व भी पूरे ग्राम को साहू परिवार के खिलाफ भड़काने का गंदा खेल संतु ध्रुव ने की खेला था जबकि वह बाहरी व्यक्ति ही है। अपने बोल चाल के कारण आम इमली की राजनीति करते गांव को दूषित करने का कार्य किया है। उनको विश्वास है यदि न्यायालय से भी बच जाए तो ईश्वर की अदालत में अवश्य न्याय होगा।