FCI प्रबंधकों ने करियर, वेतन और तबादला नीति में सुधार का बिगुल फूंका
उत्तर अंचल के प्रथम महाधिवेशन में कई राज्यों के सैकड़ों अधिकारी जुटे, शीर्ष प्रबंधन तक मांगें पहुंचाने का लिया संकल्प
चंडीगढ़/ अमलोह
भारतीय खाद्य निगम (FCI) के प्रबंधकों ने सेवा शर्तों, पदोन्नति, वेतन विसंगति और कार्यस्थल की सुविधाओं में सुधार को लेकर एकजुटता का परिचय देते हुए शनिवार को चंडीगढ़ स्थित पीएचडी चैंबर में आयोजित ऑल इंडिया मैनेजर्स एसोसिएशन (FCI-AIMA) के उत्तर अंचल के प्रथम आंचलिक महाधिवेशन में केंद्र सरकार और एफसीआई प्रबंधन से व्यापक सुधारों की मांग उठाई। सम्मेलन में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से पहुंचे सैकड़ों प्रबंधकों के साथ राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति (NEC) के सदस्य भी शामिल हुए।
“टुगेदर टुवर्ड्स एम्पावरमेंट, एक्सीलेंस एंड ग्रोथ” थीम पर आयोजित सम्मेलन में प्रबंधकों ने कहा कि लंबे समय से लंबित करियर उन्नति, वेतन और स्थानांतरण संबंधी समस्याओं का समाधान अब समय की जरूरत बन चुका है। सम्मेलन में सर्वसम्मति से पारित प्रस्तावों में संवर्ग में 15 से 22 वर्षों से चली आ रही पदोन्नति की बाधा समाप्त करने, सहायक महाप्रबंधक (AGM) के पद पर सीधी भर्ती रोकने तथा सात वर्षीय NFU/NFSG नीति लागू करने की मांग प्रमुख रही।
प्रबंधकों ने कैटेगरी-दो के वेतनमान को सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन (CWC) के समकक्ष किए जाने की मांग करते हुए वेतन विसंगति दूर करने पर जोर दिया। स्थानांतरण नीति को अधिक मानवीय बनाने के लिए 20 वर्ष का क्षेत्रीय कार्यकाल, पति-पत्नी की एक ही स्थान पर नियुक्ति, गंभीर बीमारी के मामलों में विशेष राहत तथा मंडल कार्यालय स्तर पर कथित मनमाने तबादलों पर रोक लगाने की मांग भी उठाई गई।
सम्मेलन में भंडारण नुकसान (एसएल) की पूरी जिम्मेदारी केवल फील्ड अधिकारियों पर डालने की व्यवस्था समाप्त करने, डिपो में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, सभी प्रबंधकों को आधिकारिक लैपटॉप और सिम कार्ड उपलब्ध कराने, मानव संसाधन नीतियों में प्रबंधकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त सलाहकार समिति (JCC) के गठन, समय पर ट्रांसफर भत्ते के भुगतान तथा मंडल कार्यालयों के आधुनिकीकरण की भी मांग की गई।
महाधिवेशन के समापन पर सभी प्रतिनिधियों ने एफसीआई-एआईएमए के बैनर तले एकजुट रहकर प्रबंधकों के हितों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति ने भरोसा दिलाया कि सम्मेलन में पारित सभी मांगों को भारतीय खाद्य निगम के शीर्ष प्रबंधन के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा, ताकि प्रबंधकों की वर्षों पुरानी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित हो सके।