बरेली। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में बरेली जनपद के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदेय स्थलों (पोलिंग बूथों) को अधिक सुगम और सुविधाजनक बनाने की कवायद तेज हो गई है। सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जनप्रतिनिधियों और विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ मतदेय स्थलों के सम्भाजन और समायोजन के संबंध में प्राप्त प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मतदाताओं की सुरक्षा और सुगमता सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक के दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी व अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) संतोष कुमार सिंह ने बताया कि विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण से पूर्व मतदेय स्थलों के समायोजन को लेकर सभी दलों से सुझाव आमंत्रित किए गए थे। इन प्रस्तावों पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) द्वारा की गई जांच रिपोर्ट को भी बैठक में सभी के समक्ष रखा गया।
भारत निर्वाचन आयोग प्रत्येक वर्ष मतदाता सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मतदेय स्थलों का पुनरीक्षण कराता है। इसका मुख्य उद्देश्य हर मतदाता को उसके निवास स्थान के निकट, सुरक्षित और सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं से युक्त मतदान केंद्र उपलब्ध कराना है।
— संतोष कुमार सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी
समय-सीमा तय: 31 जुलाई तक आयोग को भेजे जाएंगे प्रस्ताव
जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि यदि इस संबंध में कोई अन्य प्रस्ताव या सुझाव हो, तो उसे तत्काल उपलब्ध करा दें। इसके लिए एक निश्चित समय सारणी भी तय की गई है।
25 से 28 जुलाई तक: जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सभी संलग्नकों के साथ मतदेय स्थलों का अंतिम प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय (लखनऊ) को भेजा जाएगा।
31 जुलाई 2026: मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा सम्भाजन संबंधी इस प्रस्ताव को भारत निर्वाचन आयोग के अंतिम अनुमोदन हेतु दिल्ली प्रेषित कर दिया जाएगा।
बैठक में रहे मौजूद
इस अहम बैठक में मुख्य रूप से नवाबगंज के विधायक डॉ. एम.पी. आर्य, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) संतोष कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, एसीएम, समस्त उपजिलाधिकारी (SDMs) और प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।