सद्गुरु द्वारा स्थापित ईशा फाउंडेशन की ओर से मयूरभंज जिले में पहली बार भारत के सबसे बड़े ग्रामीण खेल महोत्सव ‘ईशा ग्रामोत्सवम्’ का दो दिवसीय आयोजन 1 एवं 2 अगस्त को बारिपदा के तखतपुर स्थित श्री रामचंद्र भंज देव विश्वविद्यालय के खेल मैदान में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
उद्घाटन समारोह में मयूरभंज की महारानी श्रीमती रश्मि राज्यलक्ष्मी भंज देव ने मशाल प्रज्वलित कर खेल महोत्सव का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर महेंद्र नाथ महांति मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजनों की सराहना की। सम्मानित अतिथियों के रूप में जिला क्रीड़ा अधिकारी डॉ. शुभाशीष नायक तथा राज्य ईशा ग्रामोत्सवम् की संयोजिका श्रीमती नंदिका पाटिल उपस्थित थीं।
दो दिवसीय प्रतियोगिता में 51 पुरुष वॉलीबॉल टीमों तथा 23 महिला थ्रोबॉल टीमों के 1000 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों में जबरदस्त उत्साह और खेल भावना देखने को मिली।
समापन समारोह में मयूरभंज एथलेटिक्स एसोसिएशन के सचिव विजय कुमार दास, बारिपदा विजिलेंस विभाग के इंस्पेक्टर विकास कुमार स्वाईं, वॉलीबॉल कोच मनोरंजन जीउ सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों एवं ईशा फाउंडेशन के स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया।
प्रतियोगिता के परिणामों में पुरुष वॉलीबॉल वर्ग में श्री जगन्नाथ टीम, सान माणिदा ने चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया, जबकि माँ कालीमाता टीम, श्रीरामपुर उपविजेता रही। वहीं महिला थ्रोबॉल वर्ग में ज्वाहेर आय, लक्ष्मीपोशी ने चैंपियन का खिताब जीता और टीम पार्वती, चंदनपुर उपविजेता रही।
प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को क्रमशः ₹10,000, ₹7,000, ₹5,000 एवं ₹3,000 की पुरस्कार राशि, ट्रॉफी तथा विजेता खिलाड़ियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
वॉलीबॉल एवं थ्रोबॉल दोनों प्रतियोगिताओं की चैंपियन और उपविजेता टीमें आगामी 16 अगस्त को भुवनेश्वर में आयोजित होने वाली राज्यस्तरीय ‘ईशा ग्रामोत्सवम्’ प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए क्वालीफाई कर चुकी हैं।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए ईशा फाउंडेशन के स्वयंसेवकों की सराहना की तथा भविष्य में ईशा ग्रामोत्सवम् को और व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार एवं सफल आयोजन के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज।