किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
सूरजपुर। रामानुजनगर थाना क्षेत्र में स्कूल में हुई दो छात्रों की आपसी लड़ाई के बाद मामला उस समय गंभीर हो गया, जब एक छात्र का बड़ा भाई अपने साथी के साथ कार में सवार होकर दूसरे छात्र के गांव पहुंच गया। ग्रामीणों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने कार को घेरकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार की तलाशी ली, जिसमें एक धारदार चाकू और पिस्तौलनुमा वस्तु बरामद हुई। जांच में पिस्तौलनुमा वस्तु वास्तव में लाइटर निकली।
स्कूल में हुई थी दो छात्रों के बीच लड़ाई
जानकारी के मुताबिक, रामानुजनगर थाना क्षेत्र के महंगई स्थित स्कूल में कक्षा 11वीं के दो छात्रों के बीच किसी बात को लेकर विवाद और मारपीट हो गई थी। इसके बाद एक छात्र ने घटना की जानकारी अपने बड़े भाई को दी। गुस्से में बड़ा भाई अपने एक साथी के साथ कार से नयापारा गांव पहुंच गया, जहां दूसरे छात्र का घर था।
ग्रामीणों ने घेरकर पुलिस को दी सूचना
कार सवार युवकों को देखकर ग्रामीणों को संदेह हुआ। उन्होंने दोनों को घेर लिया और डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने के बाद वाहन की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार से एक धारदार चाकू और पिस्तौल जैसी दिखने वाली वस्तु बरामद हुई। जांच में पिस्तौलनुमा वस्तु लाइटर निकली, जिसे कथित तौर पर डराने के लिए रखा गया था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने कही ये बात
सूरजपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार देवांगन ने बताया कि स्कूल में बच्चों के बीच हुई लड़ाई के बाद एक पक्ष ने अपने बड़े भाई को बुलाया था। बड़ा भाई अपने साथी के साथ दूसरे पक्ष के भाई के पास पहुंचा। सूचना मिलने पर डायल-112 और पुलिस मौके पर पहुंची। वाहन से चाकू बरामद हुआ, जबकि पिस्तौलनुमा वस्तु जांच में लाइटर निकली। मामले में आर्म्स एक्ट सहित संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि बच्चों की आपसी लड़ाई में बड़ों को शामिल किया गया, जिससे मामला गंभीर हो गया।
कार की नेम प्लेट भी बनी चर्चा का विषय
मामले में आरोपियों की कार की नेम प्लेट भी चर्चा में रही। कार पर बड़े अक्षरों में “जिला संयोजक- मदरसा प्रकोष्ठ पसमांदा मंच” लिखा हुआ था और भाजपा के चुनाव चिन्ह कमल का निशान भी लगा था। पुलिस के अनुसार यह नेम प्लेट फर्जी तौर पर लगाई गई थी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आरोपी का भाजपा से कोई संबंध नहीं है।
पुलिस ने मामले में बरामद चाकू और अन्य सामग्री को जब्त कर जांच शुरू कर दी है।