किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
दुर्ग। जिले में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए दुर्ग पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान का असर अब आंकड़ों में नजर आने लगा है। वर्ष 2025 की तुलना में जनवरी से जुलाई 2026 के बीच सड़क हादसों में होने वाली मौतों में 28 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
सात महीने में 860 सड़क हादसे
जनवरी से जुलाई 2026 तक दुर्ग जिले में कुल 860 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं। इन हादसों में 685 लोग घायल हुए, जबकि 162 लोगों की मौत हुई। वहीं, वर्ष 2025 में इसी अवधि के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में 225 लोगों की जान गई थी। इस तरह पिछले वर्ष की तुलना में इस साल सड़क हादसों में मौतों का आंकड़ा काफी कम हुआ है।
भिलाई नगर में सबसे ज्यादा मौतें
पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक सुपेला थाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा 139 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें 102 लोग घायल हुए और 10 लोगों की मौत हुई।
वहीं भिलाई नगर थाना क्षेत्र में 82 सड़क हादसों में 26 लोगों की मौत हुई, जो जिले के थाना क्षेत्रों में सबसे अधिक है। इसके अलावा जुनवानी में 17, नंदिनी में 15 और पुलगांव क्षेत्र में 14 लोगों की सड़क हादसों में जान गई।
इन उपायों से हादसों पर लगी लगाम
दुर्ग पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए जिले के सात प्रमुख चौक-चौराहों को चिन्हित कर विशेष अभियान चलाया। इसके तहत—
बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई
सीट बेल्ट नहीं लगाने वालों की जांच
नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई
ओवरस्पीडिंग पर सख्ती
बस और ट्रक जैसे बड़े वाहनों की जांच
ब्लैक स्पॉट की पहचान
सड़क इंजीनियरिंग में सुधार
स्कूल-कॉलेजों में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान
औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण
संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती
नियमित वाहन चेकिंग अभियान
जैसे कदम उठाए गए।
एक्सीडेंट प्रोन इलाकों और समय पर विशेष नजर
दुर्ग पुलिस ऐसे एक्सीडेंट प्रोन क्षेत्रों और समय को चिन्हित कर रही है, जब सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं। इन स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
एसएसपी दुर्ग विजय अग्रवाल ने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट के साथ-साथ नशे में वाहन चलाने वालों पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। बड़े वाहनों की चेकिंग भी बढ़ाई गई है। शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों में न्यायालय द्वारा कारावास की सजा दिए जाने से भी लोगों में कानून का भय बढ़ा है।
एसएसपी विजय अग्रवाल ने कहा कि ओवरस्पीड, नशे में ड्राइविंग, बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों के आंकड़े को और कम करना है।