* बिहार भारी कर्ज में, खजाना खाली, तेजस्वी ने सम्राट चौधरी सरकार को घेरा : पूछा आखिर सारा पैसा जा कहां रहा?..
* बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाले एनडीए सरकार पर निशाना साधा, बिहार की चिंता जनक बताया…
* edited by : Tarun Kumar
*पटना। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने बिहार की राजकोषीय स्थिति को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए आरोप लगाया कि राज्य भारी कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है। लेकिन इसके बावजूद सरकार के पास कर्मचारियों, पेंशनधारकों, ठेकेदारों और विकास कार्यों के भुगतान के लिए पर्याप्त राशि नहीं है। तेजस्वी ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में शिक्षा ऋण की राशि घटाए जाने को भी सरकार की वित्तीय स्थिति से जोड़ते हुए सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अब छात्रों के स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की राशि भी घटा दी गई है और छात्रवृत्ति समाप्त की जा रही है।
राजकोषीय स्थिति को लेकर सरकार पर हमला
तेजस्वी यादव ने एक्स पर जारी अपने बयान में कहा कि बिहार की राजकोषीय स्थिति अत्यधिक दयनीय और चिंतनीय है। उनके अनुसार बिहार भारी कर्ज में है। कुल सार्वजनिक ऋण में चार गुना से अधिक वृद्धि हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य को गंभीर आर्थिक संकट में धकेल दिया गया है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वित्तीय दबाव इतना अधिक है कि सरकारी विभागों के कर्मचारियों और पेंशनधारकों को समय पर भुगतान, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, ठेकेदारों के बकाये तथा विकासात्मक कार्यों के लिए राशि उपलब्ध नहीं है। उन्होंने सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाया।
‘कर्ज बढ़ रहा, राजस्व घाटा भी बढ़ा’
तेजस्वी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर व्यक्तिगत हमला करते हुए उनके वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को व्यय प्रबंधन, ऋण प्रबंधन और राजकोषीय घाटे के प्रबंधन की समझ नहीं है। उन्होंने दावा किया कि बिहार का राजकोषीय स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है। राजस्व घाटा बढ़ रहा है और कर्ज उससे भी कई गुना अधिक तेजी से बढ़ रहा है। तेजस्वी के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत के प्रमुख राज्यों में बिहार का राजकोषीय घाटा सबसे अधिक रहा, जो जीएसडीपी का 5.8 प्रतिशत था।
राजस्व बढ़ाने की योजना नहीं होने का लगाया आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिहार में उच्च राजकोषीय घाटे के साथ भारी ऋण का बोझ गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के खर्च के अनुपात में अपनी राजस्व प्राप्ति पर्याप्त नहीं है।
तेजस्वी ने राजस्व सृजन और संग्रहण बढ़ाने के साथ बजटीय प्रबंधन तथा राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने के लिए एनडीए सरकार के पास कोई दीर्घकालिक ठोस योजना नहीं होने का आरोप लगाया।
‘डबल इंजन सरकार बिहार को अंधकार में धकेल रही’
तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर हमला बोलते हुए उसे ‘नकारा और निकम्मी डबल इंजन सरकार’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिहार को ऐसे अंधकार की ओर ले जा रही है, जिससे राज्य के वर्तमान के साथ-साथ भविष्य पर भी असर पड़ेगा।
उन्होंने सरकार पर भ्रष्टाचार और संगठित लूट के गंभीर आरोप भी लगाए। तेजस्वी ने कहा कि बिहार के लोगों के सामने यह सवाल है कि सरकार द्वारा भारी कर्ज लेने के बावजूद राज्य का खजाना खाली क्यों है।
‘आखिर बिहार का सारा पैसा जा कहां रहा?’
तेजस्वी ने अपने बयान के जरिए सरकार से सीधे सवाल किया कि जब एनडीए सरकार ने पिछले दो वर्षों में रिकॉर्ड कर्ज लिया है तो इसके बावजूद राजकीय कोष खाली क्यों है। उन्होंने पूछा, ‘आखिर बिहार का सारा पैसा जा कहां रहा है?’
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचार और संगठित लूट के रिकॉर्ड बना रही है। साथ ही कहा कि बिहार की गंभीर वित्तीय स्थिति प्रदेश के लोगों के लिए सामूहिक चिंता का विषय है।