ललितपुर। श्री सिद्धपीठ चंडी मंदिर धाम में चल रहे सवा पांच करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं श्रीरुद्र महायज्ञ के दौरान सावन के अंतिम सोमवार को आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भगवान भोलेनाथ के सहस्त्रधारा महारुद्राभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंचे और पूरे वातावरण में हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे।
चंडीपीठाधीश्वराचार्य महामंडलेश्वर स्वामी चन्द्रेश्वर गिरि महाराज के सानिध्य में सहस्त्रधारा रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कई संतों ने हिस्सा लिया। वहीं जिलाधिकारी सत्यप्रकाश और पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार वाजपेई भी कार्यक्रम में शामिल हुए और भगवान शिव का पूजन कर धर्मलाभ लिया।
सावन के अंतिम सोमवार को बने 45 लाख पार्थिव शिवलिंग
सावन के अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं ने मिलकर करीब 45 लाख पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया। प्रातःकाल श्रीरुद्र महायज्ञ में पीठ पूजन हुआ। इसके बाद प्रधान यजमान हरीशंकर साहू ने विधि-विधान से पूजन और महारुद्राभिषेक संपन्न कराया।
महामृत्युंजय मंत्र के महत्व पर बोले स्वामी चन्द्रेश्वर गिरि
श्रद्धालुओं को भगवान शिव की कथा सुनाते हुए स्वामी चन्द्रेश्वर गिरि महाराज ने कहा कि भगवान भोलेनाथ की महिमा अपार है। महामृत्युंजय मंत्र के जाप से मनुष्य के संकट दूर होते हैं और उसे भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
उन्होंने कहा कि महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव की आराधना और जीवन-मृत्यु के बंधनों से मुक्ति की कामना का मंत्र है। श्रद्धालुओं से उन्होंने भगवान भोलेनाथ के महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने और शिव भक्ति में मन लगाने का आह्वान किया।
जल और बेलपत्र से प्रसन्न हो जाते हैं भोलेनाथ
स्वामी चन्द्रेश्वर गिरि महाराज ने कहा कि भगवान शिव को ‘भोलेनाथ’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे अपने भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव हैं। शिव को जल और बेलपत्र अर्पित कर भी भक्त अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि देव हों या दानव, सभी ने भगवान शिव की आराधना कर उनकी कृपा प्राप्त की है।
कार्यक्रम के अंत में महाआरती और प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान जगदगुरु कृष्णगिरि सहित कई संत, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु मौजूद रहे।
26 अगस्त को निकलेगी भोलेनाथ की भव्य विदाई यात्रा
सवा पांच करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण आयोजन के समापन के अवसर पर 26 अगस्त, बुधवार को शहर में भोलेनाथ की भव्य विदाई यात्रा निकाली जाएगी।
यह यात्रा श्री सिद्धपीठ चंडी मंदिर धाम से शुरू होकर वर्णी चौराहा, तुवन चौराहा और सावरकर चौक होते हुए सुम्मेरा तालाब पहुंचेगी। आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से महामंडलेश्वर और संतों के शामिल होने की संभावना है। सुम्मेरा तालाब पर भगवान भोलेनाथ की महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
हर-हर महादेव के जयघोष के बीच होने वाली इस विदाई यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।