जामनगर। नागालैंड में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित 53 वर्षीय हाथी को रेस्क्यू कर सुरक्षित रूप से गुजरात के जामनगर स्थित बंतारा लाया गया है। यहां हाथी की देखभाल और पुनर्वास की व्यवस्था की जा रही है।
बाढ़ के कारण नागालैंड के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ था। इस दौरान कई वन्यजीव भी मुश्किल परिस्थितियों में फंस गए। ऐसे में इस हाथी का सफल रेस्क्यू वन्यजीवों को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रेस्क्यू के बाद हाथी को विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है। उसके स्वास्थ्य की जांच के साथ-साथ उचित उपचार, पोषण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है।
इसी बीच असम में तीन वन्यजीव उपचार केंद्र स्थापित करने की योजना भी प्रस्तावित की गई है। इन केंद्रों के जरिए बाढ़ समेत अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान घायल, फंसे या रेस्क्यू किए गए वन्यजीवों को तत्काल उपचार और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
नॉर्थईस्ट में हर साल बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं से वन्यजीव प्रभावित होते हैं। ऐसे विशेष उपचार और पुनर्वास केंद्र वन्यजीव संरक्षण की दिशा में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
