बहेड़ी में किसानों का महासंग्राम: केसर शुगर मिल के गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू, भाकियू (भानु) का बड़ा ऐलान— ‘इस बार भुगतान लेकर ही उठेंगे’ प्रदेश के बहेड़ी में गन्ना बकाया भुगतान को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भानु) और क्षेत्र के किसानों ने केसर शुगर मिल के गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। ट्रैक्टर और कम्बाइन गाड़ियों के साथ भारी संख्या में पहुंचे आक्रोशित किसानों ने मिल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।बहेड़ी (बरेली)।उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद अंतर्गत बहेड़ी क्षेत्र से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। गन्ना बकाया भुगतान की मांग को लेकर लंबे समय से मिल प्रशासन के चक्कर काट रहे अन्नदाताओं के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया है। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के पदाधिकारियों और क्षेत्र के तमाम किसानों ने आज से केसर शुगर मिल बहेड़ी के मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान करते हुए मोर्चा खोल दिया है।कम्बाइन और ट्रैक्टरों का सैलाब, आक्रोश में अन्नदाताधरना प्रदर्शन की शुरुआत होते ही मिल परिसर के बाहर भारी संख्या में किसान जुटना शुरू हो गए। देखते ही देखते मिल के मुख्य गेट पर कम्बाइन मशीनों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य गाड़ियों की भारी भीड़ जमा हो गई। मिल प्रशासन के लगातार झूठे वादों और टालमटोल वाले रवैये से परेशान होकर किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर दिखाई दिया। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि मिल प्रबंधन हर बार केवल आश्वासन देता है, लेकिन धरातल पर भुगतान की स्थिति जस की तस बनी हुई है।’कागजों में दम तोड़ने वाले आंदोलनों का दौर खत्म’गौरतलब है कि बहेड़ी केसर शुगर मिल के खिलाफ पहले भी इस तरह के अनिश्चितकालीन धरने दिए जा चुके हैं, लेकिन मिल प्रशासन की मीठी बातों और कुछ कागजी समझौतों के बाद उन्हें जल्द ही समाप्त करवा दिया गया था। लेकिन इस बार भारतीय किसान यूनियन (भानु) के तेवर पूरी तरह बदले हुए और आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं।यूनियन के पदाधिकारियों ने दोटूक शब्दों में साफ कर दिया है कि, “अब किसानों के साथ छलावा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पहले की तरह यह धरना कागजों में दम नहीं तोड़ेगा, बल्कि इस बार किसान अपनी गाढ़ी कमाई का पूरा बकाया भुगतान लेकर ही मिल के गेट से उठेंगे।”प्रशासन और मिल प्रबंधन में हड़कंपकिसानों के इस अचानक और आक्रामक रुख को देखते हुए केसर शुगर मिल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। मौके पर भारी पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की सुगबुगाहट तेज हो गई है। अब देखना यह होगा कि क्या मिल प्रबंधन किसानों के हक का पैसा चुकाकर इस गतिरोध को खत्म करता है, या फिर किसानों का यह आक्रोश बहेड़ी में किसी बड़े आंदोलन का रूप अख्तियार करेगा।