बारीपदा, 5 सितंबर: गुरु दिवस के अवसर पर मयूरभंज शिक्षक समन्वय समिति की ओर से एक सराहनीय मानवीय पहल की गई। बारीपदा के लालबाजार स्थित शिक्षक भवन परिसर में समिति की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्त की कमी को दूर करने और जरूरत के समय मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर को लेकर शिक्षक समाज में खासा उत्साह देखने को मिला।पूर्णानंद आचार्य की अध्यक्षता में आयोजित इस रक्तदान शिविर में मयूरभंज जिले के 26 ब्लॉकों से बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान रक्तदाताओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व को लेकर लोगों को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में समिति के आह्वानकर्ता बिमल कुमार आचार्य, संयोजक हरेकृष्ण बारिक के साथ गदाधर नायक, श्रीधेश्वर मिश्रा, प्रदीप नाथ, गौर गोपाल लेंका, सोमनाथ सिंह सहित कई लोग उपस्थित रहे और शिविर की सफलता में सहयोग किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी पूर्णचंद्र सेठी शामिल हुए। वहीं सम्मानित अतिथि के रूप में बारीपदा नगरपालिका अध्यक्ष कृष्णानंद महांती के साथ अमर सेठी, असीम कुमार चक्रवर्ती, शिवशंकर महांत, दिलीप कुमार पात्र, सबिता रानी बाग, बनजिनी मिश्रा, सपन बेहरा और यामिनीकांत पंडा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
आमतौर पर गुरु दिवस को समिति की ओर से शिक्षक सम्मान समारोह के रूप में मनाया जाता है। लेकिन इस वर्ष इस परंपरा में एक नया अध्याय जोड़ते हुए समाजसेवा और मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता दी गई और रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।समिति का उद्देश्य रक्त की कमी को कुछ हद तक दूर करने के साथ-साथ समाज के अन्य लोगों को भी स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करना है। ‘रक्तदान महादान’ के संदेश के साथ आयोजित इस शिविर ने शिक्षक समाज की सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक भूमिका को सामने रखा।
एक यूनिट रक्त जरूरतमंद मरीज के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ऐसे में इस तरह के मानवीय कार्यक्रम समाज के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण माने जा रहे हैं।गुरु दिवस के मौके पर शिक्षकों ने यह संदेश दिया कि शिक्षक केवल शिक्षा देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाजसेवा और मानवीय जिम्मेदारियों के निर्वहन में भी वे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज की रिपोर्ट