
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि श्रुति की मौत ने संस्थान में विद्यार्थियों की सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। छात्रों ने मामले की पूरी जांच कर घटना की वास्तविक परिस्थितियों को सार्वजनिक करने की मांग की है।
छात्रों ने श्रुति की स्मृति में कैंडल मार्च भी निकाला। हाथों में मोमबत्तियां और न्याय की मांग वाली तख्तियां लिए विद्यार्थियों ने शोक और आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में श्रुति के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग भी शामिल है।
धरने के दौरान छात्रों ने कहा कि उनका आंदोलन केवल श्रुति के लिए न्याय की मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्थान में पढ़ने वाले प्रत्येक विद्यार्थी की सुरक्षा और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने से भी जुड़ा है।
श्रुति की मौत से जुड़े सवालों के जवाब और जिम्मेदारी तय होने की मांग के बीच LNIPE परिसर में छात्रों का आंदोलन चर्चा का विषय बना हुआ है। अब निगाहें संस्थान और संबंधित अधिकारियों की ओर हैं कि मामले की जांच और छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।
“एक छात्रा को खोने का दर्द सिर्फ उसके परिवार का नहीं, बल्कि उस पूरे परिसर का है जहां उसने अपने सपनों को उड़ान देने की शुरुआत की थी।”